Legal rights : केके इंटर कॉलेज में छात्रों को पॉक्सो एक्ट की दी गई विस्तृत जानकारी, न्यायिक अधिकारी ने बताए कानूनी अधिकार ?

Legal rights : केके इंटर कॉलेज में छात्रों को पॉक्सो एक्ट की दी गई विस्तृत जानकारी, न्यायिक अधिकारी ने बताए कानूनी अधिकार
Legal rights : केके इंटर कॉलेज में छात्रों को पॉक्सो एक्ट की दी गई विस्तृत जानकारी, न्यायिक अधिकारी ने बताए कानूनी अधिकार

कन्नौज। दिनांक 28 सितंबर 2026 को केके इंटर कॉलेज कन्नौज में विद्यार्थियों को बाल संरक्षण से संबंधित महत्वपूर्ण कानूनी प्रावधानों की जानकारी देने के उद्देश्य से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में श्रीमान सिविल जज (जूनियर डिवीजन) एफटीसी श्री अंकित कौशिक ने छात्र-छात्राओं को पॉक्सो एक्ट 2012 के संबंध में विस्तार से जानकारी प्रदान की। उन्होंने विद्यार्थियों को कानून के विभिन्न प्रावधानों, बच्चों के अधिकारों तथा किसी भी प्रकार के शोषण अथवा अपराध की स्थिति में उपलब्ध कानूनी संरक्षण के बारे में सरल भाषा में समझाया।

कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय परिवार की ओर से न्यायिक अधिकारी श्री अंकित कौशिक के स्वागत के साथ हुई। विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं विद्यार्थियों ने उनका स्वागत किया। विद्यालय परिवार की ओर से उन्हें प्रतीक चिह्न एवं अंगवस्त्र प्रदान कर सम्मानित भी किया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिसर में विद्यार्थियों के बीच कानून के प्रति जागरूकता बढ़ाने और उन्हें अपने अधिकारों के प्रति सजग बनाने पर विशेष जोर दिया गया।

अपने संबोधन में श्री अंकित कौशिक ने विद्यार्थियों को बताया कि बच्चों की सुरक्षा के लिए देश में कई महत्वपूर्ण कानूनी प्रावधान लागू हैं। इनमें पॉक्सो एक्ट 2012 एक महत्वपूर्ण कानून है। पॉक्सो का पूरा नाम Protection of Children from Sexual Offences Act है, जिसे बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण प्रदान करने के उद्देश्य से बनाया गया है। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि यह कानून बच्चों के साथ होने वाले यौन अपराधों के मामलों में सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित करने के लिए विशेष व्यवस्था प्रदान करता है।

उन्होंने विद्यार्थियों को समझाया कि कानून के अनुसार बच्चे की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। बच्चों को किसी भी प्रकार के अनुचित व्यवहार, शोषण, धमकी या यौन अपराध का सामना करना पड़े तो उसे छिपाने के बजाय विश्वसनीय व्यक्ति को इसकी जानकारी देनी चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि किसी घटना की जानकारी होने पर चुप रहना समस्या का समाधान नहीं है, बल्कि उचित माध्यम से इसकी सूचना देना आवश्यक है।

न्यायिक अधिकारी ने छात्रों को यह भी समझाया कि उन्हें अपने आसपास के वातावरण के प्रति जागरूक रहना चाहिए। यदि किसी बच्चे के साथ गलत व्यवहार होता दिखाई दे या कोई व्यक्ति उसे अनुचित तरीके से प्रभावित करने का प्रयास करे तो इसकी जानकारी अभिभावक, शिक्षक या संबंधित जिम्मेदार व्यक्ति को दी जानी चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को भरोसा दिलाया कि कानून बच्चों के अधिकारों और उनकी गरिमा की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण सुरक्षा प्रदान करता है।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को यह भी बताया गया कि किसी भी बच्चे को अपने साथ होने वाली अनुचित घटना के लिए स्वयं को दोषी नहीं समझना चाहिए। अपराध की जिम्मेदारी अपराध करने वाले व्यक्ति की होती है। ऐसी परिस्थितियों में बच्चे को घबराने के बजाय किसी भरोसेमंद व्यक्ति से सहायता लेनी चाहिए। इस तरह की जागरूकता बच्चों को कठिन परिस्थितियों में सही निर्णय लेने और समय रहते मदद प्राप्त करने में सहायक हो सकती है।

श्री अंकित कौशिक ने विद्यार्थियों को कानून की जानकारी केवल परीक्षा अथवा पाठ्यक्रम का विषय न मानकर इसे अपने दैनिक जीवन से जोड़कर समझने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि कानून के प्रति जागरूक नागरिक अपने अधिकारों और जिम्मेदारियों को बेहतर ढंग से समझ सकता है। विद्यालय स्तर पर विद्यार्थियों को कानूनी जानकारी देने से उनमें आत्मविश्वास बढ़ता है और वे किसी भी गलत परिस्थिति के संबंध में उचित कदम उठाने के लिए जागरूक होते हैं।

उन्होंने विद्यार्थियों से सोशल मीडिया और इंटरनेट के इस्तेमाल के दौरान भी सावधानी बरतने का संदेश दिया। वर्तमान समय में बच्चे और किशोर मोबाइल फोन तथा इंटरनेट का व्यापक उपयोग करते हैं। ऐसे में ऑनलाइन माध्यमों पर अपनी व्यक्तिगत जानकारी साझा करने, अजनबियों से संपर्क बढ़ाने या किसी संदिग्ध गतिविधि का हिस्सा बनने से बचना जरूरी है। विद्यार्थियों को किसी भी संदिग्ध या आपत्तिजनक ऑनलाइन गतिविधि की जानकारी अपने अभिभावकों अथवा शिक्षकों को देने के लिए प्रेरित किया गया।

Legal rights : केके इंटर कॉलेज में छात्रों को पॉक्सो एक्ट की दी गई विस्तृत जानकारी, न्यायिक अधिकारी ने बताए कानूनी अधिकार
Legal rights : केके इंटर कॉलेज में छात्रों को पॉक्सो एक्ट की दी गई विस्तृत जानकारी, न्यायिक अधिकारी ने बताए कानूनी अधिकार

कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षकों ने भी विद्यार्थियों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने तथा उन्हें कानूनी और सामाजिक विषयों के प्रति जागरूक करने की आवश्यकता पर बल दिया। शिक्षकों ने कहा कि विद्यालय केवल शिक्षा प्राप्त करने का स्थान नहीं है, बल्कि बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण और उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

पॉक्सो एक्ट के संबंध में आयोजित यह जागरूकता कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण रहा। न्यायिक अधिकारी द्वारा कानून की जानकारी दिए जाने से विद्यार्थियों को बाल सुरक्षा से जुड़े विषयों को समझने का अवसर मिला। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने ध्यानपूर्वक जानकारी सुनी और कानून से जुड़े विषयों को समझने में रुचि दिखाई।

विद्यालय परिवार द्वारा श्री अंकित कौशिक को प्रतीक चिह्न और अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया जाना कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रहा। विद्यालय प्रबंधन की ओर से न्यायिक अधिकारी के प्रति सम्मान एवं आभार व्यक्त किया गया। विद्यालय परिवार ने कहा कि इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी हैं, क्योंकि इससे उन्हें अपने अधिकारों और कानून की जानकारी मिलती है।

कार्यक्रम में यह संदेश भी दिया गया कि बच्चों की सुरक्षा केवल परिवार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि विद्यालय, समाज और प्रशासन सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। बच्चों के प्रति संवेदनशील व्यवहार, सुरक्षित वातावरण और समय पर सहायता उपलब्ध कराना आवश्यक है। विद्यार्थियों को प्रोत्साहित किया गया कि वे किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर उसे अपने तक सीमित न रखें और विश्वसनीय व जिम्मेदार व्यक्ति से सहायता प्राप्त करें।

विद्यालय परिवार ने कहा कि समय-समय पर विद्यार्थियों के लिए कानून, बाल अधिकार, साइबर सुरक्षा, महिला सुरक्षा तथा सामाजिक जागरूकता से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाने चाहिए। ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को न केवल कानूनी जानकारी प्रदान करते हैं, बल्कि उन्हें अपने आसपास होने वाली गतिविधियों के प्रति सजग और जिम्मेदार भी बनाते हैं।

इस अवसर पर विद्यालय के छात्र-छात्राओं एवं शिक्षक-शिक्षिकाओं ने न्यायिक अधिकारी के विचारों को गंभीरता से सुना। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों में कानून के प्रति जागरूकता पैदा करने के साथ-साथ बाल सुरक्षा के महत्व को भी रेखांकित किया गया।

अंत में विद्यालय परिवार की ओर से श्री अंकित कौशिक का आभार व्यक्त किया गया। विद्यालय प्रबंधन ने कहा कि विद्यार्थियों को उनके अधिकारों और सुरक्षा से जुड़े कानूनों की जानकारी देना शिक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। पॉक्सो एक्ट 2012 पर आयोजित इस जागरूकता कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को कानून, अधिकार और सुरक्षा के प्रति सजग बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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