Made an appeal : मारपीट मुकदमे के बाद समझौते का दबाव और जान से मारने की धमकी, पीड़ित परिवार ने लगाई गुहार ?

Made an appeal : मारपीट मुकदमे के बाद समझौते का दबाव और जान से मारने की धमकी, पीड़ित परिवार ने लगाई गुहार

Made an appeal : मारपीट मुकदमे के बाद समझौते का दबाव और जान से मारने की धमकी, पीड़ित परिवार ने लगाई गुहार
Made an appeal : मारपीट मुकदमे के बाद समझौते का दबाव और जान से मारने की धमकी, पीड़ित परिवार ने लगाई गुहार

जौनपुर। जनपद जौनपुर के मड़ियाहूं थाना क्षेत्र के इटाये गांव निवासी लक्ष्मीशंकर ने जिलाधिकारी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना-पत्र देकर न्याय और सुरक्षा की गुहार लगाई है। उन्होंने आरोप लगाया है कि मारपीट के एक दर्ज मुकदमे के बाद विपक्षी पक्ष लगातार उन पर समझौता करने का दबाव बना रहा है। उनका कहना है कि मुकदमा वापस नहीं लेने पर पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी जा रही है, जिसके कारण उनका परिवार भय और असुरक्षा के माहौल में जीवन व्यतीत करने को मजबूर है। पीड़ित ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई तथा परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।

प्रार्थना-पत्र के अनुसार, 25 जुलाई 2026 को पुश्तैनी जमीन के सीमांकन को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ था। आरोप है कि विवाद के दौरान विपक्षी पक्ष के लोग कथित रूप से उनके घर में घुस आए और लक्ष्मीशंकर तथा उनकी पत्नी गुड़िया के साथ मारपीट की। पीड़ित का कहना है कि घटना में उनकी पत्नी को चोटें आईं, जिसके बाद उनका चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया। घटना के संबंध में थाना मड़ियाहूं में मु.अ.सं. 0294/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।

लक्ष्मीशंकर का आरोप है कि मुकदमा दर्ज होने के बाद से विपक्षी लगातार समझौते का दबाव बना रहे हैं। उनका कहना है कि उनसे बार-बार मुकदमा वापस लेने के लिए कहा जा रहा है और ऐसा न करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी पक्ष द्वारा पूरे परिवार की हत्या करने जैसी धमकियां दी जा रही हैं, जिससे परिवार के सदस्य मानसिक तनाव और भय में रह रहे हैं।

पीड़ित ने अपने प्रार्थना-पत्र में कहा है कि परिवार के सदस्य घर से बाहर निकलने में भी असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। उनका कहना है कि बच्चों और महिलाओं में भी भय का वातावरण है और उन्हें किसी अप्रिय घटना की आशंका बनी हुई है। उन्होंने प्रशासन से अनुरोध किया है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए, ताकि परिवार सामान्य जीवन जी सके।

प्रार्थना-पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि उनकी पत्नी का मेडिकल परीक्षण कराया जा चुका है, जो घटना के बाद की कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है। पीड़ित का कहना है कि अब उन्हें न्यायिक प्रक्रिया पर भरोसा है और वे चाहते हैं कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।

Made an appeal : मारपीट मुकदमे के बाद समझौते का दबाव और जान से मारने की धमकी, पीड़ित परिवार ने लगाई गुहार
Made an appeal : मारपीट मुकदमे के बाद समझौते का दबाव और जान से मारने की धमकी, पीड़ित परिवार ने लगाई गुहार

स्थानीय लोगों का कहना है कि भूमि विवाद अक्सर ग्रामीण क्षेत्रों में तनाव का कारण बनते हैं। ऐसे मामलों में समय पर प्रशासनिक हस्तक्षेप और निष्पक्ष कार्रवाई से विवादों को बढ़ने से रोका जा सकता है। ग्रामीणों का मानना है कि यदि किसी पक्ष को धमकी मिलने की शिकायत है, तो उसकी गंभीरता से जांच कर आवश्यक सुरक्षा उपाय किए जाने चाहिए।

कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यदि किसी मुकदमे के वादी या गवाह को समझौते के लिए धमकाया जाता है या दबाव बनाया जाता है, तो यह भी जांच का विषय हो सकता है। ऐसे मामलों में पुलिस को उपलब्ध साक्ष्यों और शिकायत के आधार पर आवश्यक कार्रवाई करनी चाहिए ताकि न्यायिक प्रक्रिया निष्पक्ष रूप से आगे बढ़ सके।

पीड़ित ने जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा यदि धमकी देने के आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए जाते हैं, तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध विधि सम्मत कार्रवाई की जाए। साथ ही उन्होंने अपने परिवार की सुरक्षा के लिए आवश्यक पुलिस संरक्षण उपलब्ध कराने का भी अनुरोध किया है।

समाचार लिखे जाने तक इस मामले में पुलिस अथवा जिला प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया था। इसी प्रकार, जिन व्यक्तियों पर आरोप लगाए गए हैं, उनका पक्ष भी सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आया है। यदि भविष्य में संबंधित पक्ष या प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया जारी की जाती है, तो उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाना चाहिए ताकि सभी पक्षों की बात निष्पक्ष रूप से सामने आ सके।

फिलहाल पीड़ित परिवार प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की अपेक्षा कर रहा है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जिला प्रशासन और पुलिस इस शिकायत पर क्या कदम उठाते हैं और मामले की जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है। स्थानीय नागरिकों को भी उम्मीद है कि कानून के दायरे में रहकर निष्पक्ष जांच होगी, जिससे पीड़ित परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके और यदि किसी प्रकार की अनियमितता या अपराध सामने आता है तो उसके लिए जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

 

News Editor- (Jyoti Parjapati)

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