Paid tribute : सिसौली किसान भवन में बाबा महेंद्र सिंह टिकैत की पुण्यतिथि पर नेताओं ने श्रद्धांजलि अर्पित की

मुजफ्फरनगर जनपद के सिसौली स्थित किसान भवन में किसान आंदोलन के महानायक और किसानों के मसीहा कहे जाने वाले महेंद्र सिंह टिकैत की पुण्यतिथि श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, किसान संगठनों के प्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं तथा क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों ने पहुंचकर बाबा टिकैत को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम के दौरान किसानों के अधिकारों, संघर्षों और बाबा टिकैत के योगदान को याद करते हुए वक्ताओं ने उनके आदर्शों को आज भी प्रासंगिक बताया।
सिसौली किसान भवन में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में बड़ी संख्या में किसान और ग्रामीण उपस्थित रहे। कार्यक्रम का वातावरण पूरी तरह भावुक और श्रद्धामय दिखाई दिया। श्रद्धांजलि कार्यक्रम की शुरुआत बाबा टिकैत के चित्र पर पुष्प अर्पित कर और दो मिनट का मौन रखकर की गई। उपस्थित नेताओं और किसानों ने उन्हें भारतीय किसान आंदोलन का सबसे मजबूत स्तंभ बताते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा किसानों के हक और सम्मान के लिए संघर्ष किया।
इस अवसर पर पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. संजीव बालियान ने बाबा टिकैत को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि बाबा टिकैत केवल एक किसान नेता नहीं थे, बल्कि वे किसानों की आवाज थे। उन्होंने कहा कि बाबा टिकैत ने अपने पूरे जीवन में किसानों के अधिकारों की लड़ाई लड़ी और देशभर के किसानों को एकजुट करने का कार्य किया। डॉ. बालियान ने कहा कि आज भी किसानों के बीच बाबा टिकैत की विचारधारा और संघर्ष की मिसाल कायम है। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों को भी बाबा टिकैत के संघर्षों से प्रेरणा लेनी चाहिए।
उत्तर प्रदेश सरकार में पूर्व राज्य मंत्री योगराज सिंह ने श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए कहा कि बाबा टिकैत का जीवन किसानों के लिए समर्पित रहा। उन्होंने गांव, गरीब और किसान की आवाज को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाया। योगराज सिंह ने कहा कि बाबा टिकैत ने कभी भी किसानों के हितों से समझौता नहीं किया और हमेशा संघर्ष के रास्ते पर चलते हुए किसानों को उनका अधिकार दिलाने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में भी किसानों को बाबा टिकैत के आदर्शों पर चलने की आवश्यकता है।
कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं मुजफ्फरनगर जिला बार संघ के अध्यक्ष प्रमुख त्यागी ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि बाबा टिकैत किसानों की असली ताकत थे और उन्होंने किसानों को यह एहसास कराया कि एकजुटता से बड़ी से बड़ी लड़ाई जीती जा सकती है। प्रमुख त्यागी ने कहा कि बाबा टिकैत का संघर्ष केवल किसानों तक सीमित नहीं था, बल्कि वे सामाजिक न्याय और ग्रामीण विकास के भी समर्थक थे। उन्होंने कहा कि आज देश को बाबा टिकैत जैसे निडर और ईमानदार नेतृत्व की आवश्यकता है।

इस दौरान बुढ़ाना विधायक राजपाल बालियान भी मौजूद रहे। उन्होंने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि बाबा टिकैत ने किसानों को संगठित कर उनके अधिकारों की रक्षा की। उन्होंने कहा कि बाबा टिकैत का नाम भारतीय किसान आंदोलन के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा। राजपाल बालियान ने कहा कि किसान समाज हमेशा बाबा टिकैत के योगदान को याद रखेगा और उनके दिखाए रास्ते पर चलने का प्रयास करेगा।
श्रद्धांजलि सभा में वक्ताओं ने बाबा टिकैत के संघर्षपूर्ण जीवन पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि बाबा टिकैत ने भारतीय किसान यूनियन को मजबूत बनाकर किसानों की समस्याओं को सरकार तक पहुंचाने का काम किया। उन्होंने गन्ना मूल्य, बिजली दरों, सिंचाई, कृषि ऋण और अन्य किसान हितों के मुद्दों को लेकर कई बड़े आंदोलन किए। वक्ताओं ने कहा कि बाबा टिकैत ने हमेशा शांतिपूर्ण तरीके से किसानों की लड़ाई लड़ी और किसानों को लोकतांत्रिक तरीके से अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करना सिखाया।
कार्यक्रम के दौरान किसानों ने भी बाबा टिकैत के साथ जुड़ी अपनी स्मृतियां साझा कीं। कई बुजुर्ग किसानों ने कहा कि बाबा टिकैत किसानों के बीच बैठकर उनकी समस्याएं सुनते थे और हर किसान को अपने परिवार का सदस्य मानते थे। किसानों ने कहा कि बाबा टिकैत के नेतृत्व में किसान आंदोलन को नई दिशा मिली थी और किसानों को अपनी ताकत का एहसास हुआ था। उपस्थित किसानों ने कहा कि आज भी बाबा टिकैत के विचार किसानों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।
श्रद्धांजलि सभा में यह भी कहा गया कि किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए सरकार और प्रशासन को गंभीरता से कार्य करना चाहिए। वक्ताओं ने कहा कि कृषि देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और किसानों की समृद्धि के बिना देश का विकास संभव नहीं है। उन्होंने किसानों के हितों की रक्षा के लिए ठोस नीतियां बनाए जाने की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यक्रम के अंत में सभी नेताओं, किसानों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बाबा टिकैत के आदर्शों पर चलने तथा किसानों की आवाज को मजबूत करने का संकल्प लिया। श्रद्धांजलि सभा शांतिपूर्ण और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुई। बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति ने यह स्पष्ट किया कि बाबा महेंद्र सिंह टिकैत आज भी किसानों के दिलों में जीवित हैं और उनका संघर्ष तथा विचारधारा आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।
सिसौली किसान भवन में आयोजित यह श्रद्धांजलि कार्यक्रम केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं था, बल्कि किसानों के प्रति बाबा टिकैत के योगदान को याद करने और उनके संघर्षों से प्रेरणा लेने का अवसर भी बना। कार्यक्रम में मौजूद सभी लोगों ने एक स्वर में कहा कि बाबा टिकैत का जीवन किसानों के अधिकारों और सम्मान के लिए समर्पित था तथा उनका नाम हमेशा भारतीय किसान आंदोलन के इतिहास में अमर रहेगा।
News Editor- (Jyoti Parjapati)
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