
मेरठ।
किसान नेता दिग्विजय भाटी के साथ कथित मारपीट के मामले में मेरठ पुलिस विभाग में बड़ी कार्रवाई सामने आई है। नवागत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बीबीजीटीएस मूर्ति ने मामले को गंभीरता से लेते हुए इंस्पेक्टर समेत आठ पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया है। इस कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप की स्थिति है और पूरे मामले को लेकर अधिकारियों की निगरानी बढ़ गई है।
बताया जा रहा है कि किसान नेता दिग्विजय भाटी की पिटाई के आरोपों से जुड़ा मामला सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन ने इसकी गंभीरता से समीक्षा की। मामले में पुलिसकर्मियों की भूमिका को लेकर उठे सवालों के बीच विभागीय स्तर पर कार्रवाई की गई। नवागत एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति ने पदभार संभालने के बाद मामले में कार्रवाई करते हुए आठ पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया।
लाइन हाजिर किए गए पुलिसकर्मियों में निरीक्षक अखिलेश कुमार गौड़ भी शामिल हैं। उनके अलावा उप निरीक्षक मुलायम सिंह, हेड कांस्टेबल हरि ओम, कांस्टेबल मुकेश कुमार, हेड कांस्टेबल श्याम बाबू, कांस्टेबल सुमित कुमार, महिला कांस्टेबल नीलम लौर और ड्राइवर ललित कुमार को भी लाइन हाजिर किया गया है।
पुलिस विभाग की इस कार्रवाई को किसान नेता से जुड़े मामले में गंभीरता के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, लाइन हाजिर किया जाना अपने आप में किसी पुलिसकर्मी के दोषी होने का अंतिम प्रमाण नहीं है। मामले की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि घटनाक्रम में संबंधित पुलिसकर्मियों की भूमिका क्या रही और उनके विरुद्ध आगे किस प्रकार की कार्रवाई की जाएगी।
जानकारी के अनुसार, इस मामले की जांच सहारनपुर डीआईजी अभिषेक सिंह द्वारा की जा रही है। जांच अधिकारी पूरे प्रकरण से जुड़े तथ्यों, घटनाक्रम और पुलिसकर्मियों की भूमिका की पड़ताल कर रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
इस मामले में तत्कालीन मेरठ एसएसपी अविनाश पांडेय को भी दो दिन पहले उनके पद से हटाया जा चुका है। इसके बाद बीबीजीटीएस मूर्ति ने मेरठ के नए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के रूप में जिम्मेदारी संभाली। पदभार ग्रहण करने के बाद किसान नेता से जुड़े मामले में आठ पुलिसकर्मियों के खिलाफ हुई कार्रवाई को पुलिस प्रशासन की गंभीरता से जोड़कर देखा जा रहा है।
मामले में पुलिस विभाग की ओर से अब जांच के परिणाम पर नजर बनी हुई है। किसान नेता दिग्विजय भाटी की पिटाई से जुड़े आरोपों को लेकर विभिन्न स्तरों पर चर्चा हुई थी। कार्रवाई के बाद संबंधित पुलिसकर्मियों को लाइन में भेज दिया गया है, जबकि जांच अधिकारी मामले से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल कर रहे हैं।

लाइन हाजिर किए गए पुलिसकर्मियों की सूची इस प्रकार है—
- निरीक्षक अखिलेश कुमार गौड़
- उप निरीक्षक मुलायम सिंह
- हेड कांस्टेबल हरि ओम
- कांस्टेबल मुकेश कुमार
- हेड कांस्टेबल श्याम बाबू
- कांस्टेबल सुमित कुमार
- महिला कांस्टेबल नीलम लौर
- ड्राइवर ललित कुमार
आठ पुलिसकर्मियों पर हुई इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में मामले को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। कार्रवाई में निरीक्षक स्तर के अधिकारी से लेकर हेड कांस्टेबल, कांस्टेबल, महिला कांस्टेबल और ड्राइवर तक शामिल हैं। इससे संकेत मिलता है कि जांच के दौरान घटनाक्रम से जुड़े विभिन्न स्तरों के पुलिसकर्मियों की भूमिका को गंभीरता से देखा जा रहा है।
पुलिस प्रशासन के लिए ऐसे मामलों में निष्पक्ष जांच और जवाबदेही महत्वपूर्ण होती है। किसी भी पुलिसकर्मी पर लगे आरोपों की वास्तविकता जांच के बाद ही सामने आती है। यही कारण है कि सहारनपुर डीआईजी अभिषेक सिंह द्वारा की जा रही जांच को इस पूरे प्रकरण में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
जांच के दौरान घटनाक्रम से जुड़े उपलब्ध साक्ष्यों, संबंधित लोगों के बयानों और अन्य तथ्यों की समीक्षा की जा सकती है। जांच पूरी होने के बाद यदि किसी पुलिसकर्मी की भूमिका सामने आती है तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा सकती है। वहीं जांच में आरोपों की पुष्टि नहीं होने की स्थिति में भी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
नवागत एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति की ओर से की गई कार्रवाई ऐसे समय में सामने आई है, जब मेरठ पुलिस में नेतृत्व परिवर्तन हुआ है। तत्कालीन एसएसपी अविनाश पांडेय को हटाए जाने के बाद नए एसएसपी ने जिम्मेदारी संभाली है। इसके बाद यह कार्रवाई पुलिस विभाग में अनुशासन और जवाबदेही को लेकर महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
किसान नेता दिग्विजय भाटी से जुड़े मामले ने पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल खड़े किए थे। अब विभागीय कार्रवाई और जांच के बाद मामले की तस्वीर और स्पष्ट होने की उम्मीद है। फिलहाल आठ पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया गया है और जांच की प्रक्रिया जारी है।
पुलिस विभाग में लाइन हाजिर की कार्रवाई का उद्देश्य जांच के दौरान संबंधित पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से उनके नियमित फील्ड दायित्वों से अलग रखना भी हो सकता है। हालांकि, अंतिम जिम्मेदारी और दोष का निर्धारण जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही किया जाएगा।
इस पूरे मामले में प्रशासनिक स्तर पर भी घटनाक्रम पर नजर रखी जा रही है। किसान नेता से जुड़े आरोपों को लेकर जांच निष्पक्ष तरीके से पूरी किए जाने की उम्मीद है। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद यह तय होगा कि मामले में आगे विभागीय या अन्य कानूनी कार्रवाई की आवश्यकता है या नहीं।
मेरठ में नवागत एसएसपी द्वारा पदभार संभालने के बाद हुई इस कार्रवाई ने पुलिस महकमे में संदेश दिया है कि गंभीर आरोपों से जुड़े मामलों को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। हालांकि, कार्रवाई के साथ-साथ निष्पक्ष जांच और तथ्यों के आधार पर अंतिम निर्णय लेना भी आवश्यक है।
फिलहाल मामले में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका सहारनपुर डीआईजी अभिषेक सिंह द्वारा की जा रही जांच की है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि किसान नेता दिग्विजय भाटी से जुड़े घटनाक्रम में वास्तव में क्या हुआ और संबंधित पुलिसकर्मियों की भूमिका कितनी थी।
इस मामले में आठ पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किए जाने के साथ पुलिस विभाग में कार्रवाई का पहला चरण सामने आ चुका है। तत्कालीन एसएसपी के हटने और नए एसएसपी की नियुक्ति के बाद हुई इस कार्रवाई पर अब जांच के अंतिम निष्कर्ष का इंतजार है। फिलहाल पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई हुई है, लेकिन उनके दोषी होने का अंतिम निर्णय जांच के आधार पर ही होगा।.
News Editor- (Jyoti Parjapati)
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