Strengthened power infrastructure : भीषण गर्मी में उत्तर प्रदेश की बिजली व्यवस्था मजबूत, ग्रामीण क्षेत्रों को रिकॉर्ड आपूर्ति

लखनऊ, 24 जून। उत्तर प्रदेश में इस समय भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है। तापमान लगातार ऊंचे स्तर पर बना हुआ है और लोगों को राहत के लिए बिजली पर पहले से अधिक निर्भर रहना पड़ रहा है। ऐसे समय में प्रदेश की बिजली व्यवस्था ने उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए नया कीर्तिमान स्थापित किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) ने बिजली आपूर्ति के क्षेत्र में नया रिकॉर्ड बनाया है। प्रदेश में 23 जून की रात 10 बजकर 26 मिनट पर 32,405 मेगावाट की रिकॉर्ड बिजली आपूर्ति दर्ज की गई, जो न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि देश के स्तर पर भी एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।
प्रदेश सरकार का दावा है कि बिजली व्यवस्था में हुए व्यापक सुधारों का सबसे अधिक लाभ ग्रामीण क्षेत्रों को मिला है। जहां कभी गांवों में सीमित समय के लिए बिजली उपलब्ध होती थी, वहीं अब कई जिलों के ग्रामीण क्षेत्रों में 20 से 24 घंटे तक बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। इससे ग्रामीण जीवन, कृषि, शिक्षा और छोटे उद्योगों को बड़ा लाभ मिला है।
यूपीपीसीएल द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बिजली आपूर्ति लगभग निर्बाध रही। मेरठ के ग्रामीण क्षेत्रों में 19 जून को 23.55 घंटे, 20 जून को 23.48 घंटे तथा 21 जून को पूरे 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराई गई। इसी प्रकार गाजियाबाद में 19 और 20 जून को 23.53 घंटे तथा 21 जून को 24 घंटे बिजली आपूर्ति दर्ज की गई।
राजधानी लखनऊ में भी ग्रामीण क्षेत्रों की बिजली आपूर्ति संतोषजनक रही। यहां 19 जून को 23.58 घंटे, 20 जून को 22.54 घंटे तथा 21 जून को 23.12 घंटे बिजली उपलब्ध कराई गई। बरेली और शाहजहांपुर जैसे जिलों में भी बिजली आपूर्ति का स्तर काफी बेहतर रहा। बरेली में 19 जून को 23.55 घंटे, 20 जून को 20.43 घंटे और 21 जून को 22.10 घंटे बिजली आपूर्ति की गई, जबकि शाहजहांपुर में यह आंकड़ा 23 घंटे से अधिक रहा।
पूर्वांचल और अवध क्षेत्र के जिलों में भी बिजली आपूर्ति में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला। अमेठी के ग्रामीण क्षेत्रों में 21 से 22 घंटे तक बिजली उपलब्ध रही, जबकि अयोध्या, बाराबंकी, रायबरेली और सीतापुर जैसे जिलों में भी निर्धारित शेड्यूल से अधिक बिजली आपूर्ति की गई। बाराबंकी में तो लगातार तीन दिनों तक 24 घंटे के करीब बिजली उपलब्ध कराई गई।
सबसे उल्लेखनीय प्रदर्शन मैनपुरी, फिरोजाबाद, एटा, भदोही और अलीगढ़ जिलों के ग्रामीण क्षेत्रों में देखने को मिला। इन जिलों में 19, 20 और 21 जून को लगातार 24 घंटे बिजली आपूर्ति दर्ज की गई। ग्रामीण क्षेत्रों में इस स्तर की बिजली उपलब्धता को प्रदेश की बिजली व्यवस्था में आए बड़े बदलाव का संकेत माना जा रहा है।
प्रदेश सरकार के अनुसार वर्तमान में ग्रामीण क्षेत्रों के लिए 18 घंटे बिजली आपूर्ति का निर्धारित शेड्यूल है, लेकिन भीषण गर्मी और बढ़ती मांग को देखते हुए निर्धारित समय से अधिक बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। कई क्षेत्रों में यह आपूर्ति 20 घंटे से बढ़कर 24 घंटे तक पहुंच गई है। इससे उपभोक्ताओं को राहत मिली है और बिजली कटौती की शिकायतों में भी कमी आई है।
यदि वर्ष 2017 से पहले की स्थिति की तुलना की जाए तो प्रदेश की बिजली व्यवस्था में बड़ा परिवर्तन दिखाई देता है। उस समय ग्रामीण क्षेत्रों में औसतन 11 घंटे बिजली आपूर्ति का शेड्यूल निर्धारित था, लेकिन वास्तविकता में कई गांवों में केवल 8 से 11 घंटे तक ही बिजली उपलब्ध हो पाती थी। अघोषित कटौती आम बात थी और गर्मी के मौसम में स्थिति और अधिक चुनौतीपूर्ण हो जाती थी।
ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को लंबे समय तक बिजली का इंतजार करना पड़ता था। कृषि कार्य प्रभावित होते थे, छात्रों की पढ़ाई बाधित होती थी और छोटे व्यवसायों को भी नुकसान उठाना पड़ता था। कई क्षेत्रों में केवल कुछ चुनिंदा या वीआईपी जिलों को प्राथमिकता के आधार पर बेहतर बिजली आपूर्ति मिलती थी, जबकि अधिकांश ग्रामीण क्षेत्र बिजली संकट से जूझते रहते थे।
योगी सरकार के कार्यकाल में बिजली उत्पादन, खरीद और वितरण व्यवस्था को मजबूत करने के लिए व्यापक स्तर पर कार्य किए गए। ट्रांसमिशन नेटवर्क का विस्तार किया गया, नए विद्युत उपकेंद्र स्थापित किए गए और जर्जर लाइनों के आधुनिकीकरण पर विशेष ध्यान दिया गया। साथ ही बिजली चोरी रोकने और वितरण तंत्र को बेहतर बनाने के लिए तकनीकी उपाय भी अपनाए गए।

विशेषज्ञों का मानना है कि बिजली आपूर्ति में सुधार का सीधा प्रभाव ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर पड़ता है। बेहतर बिजली मिलने से सिंचाई व्यवस्था मजबूत होती है, लघु उद्योगों को गति मिलती है और विद्यार्थियों को अध्ययन के लिए बेहतर वातावरण प्राप्त होता है। इसके अलावा घरेलू उपभोक्ताओं को भी गर्मी के मौसम में राहत मिलती है।
उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन के अध्यक्ष डॉ. आशीष कुमार गोयल ने कहा कि प्रदेश में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए अधिकारी और कर्मचारी पूरी सतर्कता के साथ कार्य कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि सभी डिस्कॉम और विद्युत वितरण इकाइयों को लगातार मॉनिटर किया जा रहा है ताकि किसी भी क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बाधित न हो।
उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी के इस दौर में उपभोक्ताओं को बेहतर सेवा प्रदान करना निगम की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए हर स्तर पर निगरानी की जा रही है और तकनीकी समस्याओं के त्वरित समाधान के निर्देश दिए गए हैं। आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त बिजली की खरीद भी की जा रही है ताकि मांग और आपूर्ति के बीच संतुलन बना रहे।
प्रदेश में रिकॉर्ड 32,405 मेगावाट बिजली आपूर्ति और ग्रामीण क्षेत्रों में 20 से 24 घंटे तक बिजली उपलब्धता यह दर्शाती है कि उत्तर प्रदेश की बिजली व्यवस्था पहले की तुलना में काफी मजबूत हुई है। भीषण गर्मी के बावजूद उपभोक्ताओं को लगातार बिजली मिलना सरकार और विद्युत विभाग की समन्वित कार्यप्रणाली का परिणाम माना जा रहा है। आने वाले समय में यदि यही व्यवस्था कायम रहती है तो यह प्रदेश के विकास और ग्रामीण समृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
News Editor- (Jyoti Parjapati)
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