
हापुड़।
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में बढ़ते वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने और पुराने एवं अधिक प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को हटाकर स्वच्छ परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देने के उद्देश्य से परिवहन विभाग द्वारा लगातार जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में बुधवार को जनपद हापुड़ के स्कूल प्रबंधकों एवं प्रधानाचार्यों के साथ परिवर्तन योजना के क्रियान्वयन को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में विद्यालयों में संचालित पुराने वाहनों को योजना के दायरे में लाकर निर्धारित प्रक्रिया के तहत लाभ प्राप्त करने पर विस्तार से चर्चा की गई।
दिनांक 09 सितंबर 2026 को मेरठ रोड स्थित दीप उत्सव मंडप में आयोजित बैठक की अध्यक्षता सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) हापुड़ श्रीमती छवि सिंह चौहान ने की। बैठक में उच्च शिक्षा विभाग की श्रीमती नाजनीन, कार्यवाहक जिला विद्यालय निरीक्षक श्री शैलेन्द्र, प्रधान सहायक श्री रामआसरे तिवारी, उर्दू अनुवादक एवं सह-प्रधान सहायक श्री नदीम सुब्हानी तथा उर्दू अनुवादक एवं सह-प्रधान सहायक श्री शाहिद आफाक सहित जनपद के 35 से अधिक विद्यालयों के प्रबंधक, प्रधानाचार्य और प्रतिनिधि मौजूद रहे।
बैठक का मुख्य उद्देश्य स्कूलों में संचालित पुराने वाहनों को लेकर परिवर्तन योजना की जानकारी देना और पात्र विद्यालयों को योजना का लाभ लेने के लिए प्रेरित करना रहा। सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) ने उपस्थित विद्यालय प्रबंधकों एवं प्रधानाचार्यों को योजना के प्रावधानों की जानकारी देते हुए बताया कि भारत सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा एनसीआर में बढ़ते वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के उद्देश्य से परिवर्तन योजना शुरू की गई है।
उन्होंने बताया कि योजना का उद्देश्य पुराने एवं अधिक प्रदूषणकारी परिवहन वाहनों के स्थान पर नए और अपेक्षाकृत स्वच्छ वाहनों को बढ़ावा देना है। इसके तहत BS-VI, CNG और इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। योजना के माध्यम से परिवहन क्षेत्र से होने वाले प्रदूषण को कम करने तथा पर्यावरण के अनुकूल परिवहन व्यवस्था विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है।
बैठक में बताया गया कि योजना के तहत एनसीआर क्षेत्र में पंजीकृत निर्धारित पुराने उत्सर्जन मानकों वाले ट्रक एवं बसों के स्वामियों को निर्धारित शर्तों के अनुसार लाभ मिल सकता है। BS-III अथवा उससे पूर्व के उत्सर्जन मानक वाले वाहनों को Registered Vehicle Scrapping Facility यानी आरवीएसएफ में स्क्रैप कराना अनिवार्य होगा। वहीं BS-IV श्रेणी के वाहनों को आरवीएसएफ में स्क्रैप कराया जा सकता है अथवा उन्हें एनसीआर क्षेत्र से बाहर किसी गैर-एनसीआर क्षेत्र में बेचा जा सकता है।
परिवहन विभाग की ओर से विद्यालय संचालकों को यह भी बताया गया कि पुराने वाहन के प्रतिस्थापन के रूप में खरीदा जाने वाला नया अथवा प्रयुक्त वाहन BS-VI अथवा इलेक्ट्रिक श्रेणी का होना चाहिए। साथ ही नए वाहन का पंजीकरण एनसीआर क्षेत्र में होना आवश्यक बताया गया है। इस प्रक्रिया के तहत योजना में पात्र वाहन स्वामियों को विभिन्न प्रकार के प्रोत्साहन एवं सुविधाएं दिए जाने का प्रावधान बताया गया।
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए नया वाहन खरीदने पर आगामी 10 वर्षों के देय कर एवं शुल्क में 100 प्रतिशत छूट दिए जाने की व्यवस्था है। इसके अलावा वाहन लोन के माध्यम से नया वाहन खरीदे जाने की स्थिति में ब्याज में पांच प्रतिशत की छूट का प्रावधान भी बताया गया। अधिकारियों ने विद्यालय प्रबंधकों को योजना के इन प्रावधानों की जानकारी देते हुए पात्र होने पर इसका लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।
अधिकारियों के अनुसार, डीजल एवं सीएनजी वाहनों के लिए मासिक फ्यूल वाउचर तथा इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए एकमुश्त वित्तीय सहायता दिए जाने की व्यवस्था भी योजना में बताई गई है। इन प्रोत्साहनों के माध्यम से पुराने वाहनों को हटाकर नए एवं पर्यावरण-अनुकूल वाहनों को अपनाने के लिए वाहन स्वामियों को प्रोत्साहित करने का प्रयास किया जा रहा है।

बैठक में उच्च शिक्षा विभाग की श्रीमती नाजनीन तथा कार्यवाहक जिला विद्यालय निरीक्षक श्री शैलेन्द्र ने भी जनपद के सभी स्कूल प्रबंधकों से परिवर्तन योजना के अंतर्गत उपलब्ध लाभों का अधिक से अधिक उपयोग करने की अपेक्षा की। उन्होंने विद्यालयों में संचालित ऐसे वाहनों की पहचान करने पर जोर दिया जो निर्धारित मानकों के अंतर्गत योजना के लिए पात्र हो सकते हैं।
बैठक के दौरान विभिन्न विद्यालयों के प्रतिनिधियों ने योजना को लेकर अपनी रुचि भी दिखाई। रॉयल पब्लिक स्कूल, एचआरएम पब्लिक स्कूल, डीएम पब्लिक स्कूल, बतेस्दा एकाडेमी, डीपीएस स्कूल, एवीडीपी स्कूल, रैनबो पब्लिक स्कूल, श्री सरस्वती विद्या निकेतन, हेरिटेज स्कूल सहित अन्य विद्यालयों के प्रबंधक, प्रधानाचार्य एवं प्रतिनिधि बैठक में उपस्थित रहे।
विद्यालय प्रतिनिधियों ने बताया कि उनके संस्थानों में कुछ ऐसे वाहन हैं जिनकी निर्धारित आयु पूरी होने वाली है और वे योजना के लिए पात्र हो सकते हैं। संबंधित विद्यालय प्रतिनिधियों ने योजना से जुड़े पोर्टल पर पंजीकरण कराने का आश्वासन दिया। इसके साथ ही पात्र पुराने वाहनों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत स्क्रैप कराने अथवा उनके संबंध में एनसीआर से बाहर के जनपद के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त कराने की प्रक्रिया अपनाने की बात कही गई।
परिवहन विभाग ने उपस्थित विद्यालय प्रबंधकों और प्रधानाचार्यों को योजना से संबंधित आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने के लिए प्रपत्र भी वितरित किए। इन प्रपत्रों के माध्यम से विद्यालय संचालकों को योजना के प्रावधानों, पात्रता और प्रक्रिया के बारे में जानकारी प्राप्त करने में सहायता मिलेगी।
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) छवि सिंह चौहान ने विद्यालय प्रतिनिधियों से योजना में बढ़-चढ़कर प्रतिभाग करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पुराने और अधिक प्रदूषणकारी वाहनों को हटाने तथा स्वच्छ ईंधन एवं इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने से वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है। एनसीआर क्षेत्र में प्रदूषण नियंत्रण एक महत्वपूर्ण विषय है और इसमें विद्यालयों सहित सभी संस्थानों की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है।
बैठक में अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि योजना का लाभ निर्धारित नियमों एवं पात्रता के अनुसार ही प्राप्त किया जा सकेगा। इसलिए विद्यालय प्रबंधकों को अपने वाहनों के दस्तावेज, पंजीकरण, उत्सर्जन मानक और अन्य आवश्यक विवरणों की जांच कराने के बाद संबंधित प्रक्रिया पूरी करने के लिए कहा गया।
परिवहन विभाग द्वारा आयोजित इस बैठक के माध्यम से जनपद के विद्यालयों तक परिवर्तन योजना की जानकारी पहुंचाने का प्रयास किया गया। स्कूल बसों और अन्य परिवहन वाहनों के संबंध में योजना के प्रावधानों की जानकारी मिलने से विद्यालय प्रबंधन अब अपने पुराने वाहनों की पात्रता की जांच कर सकेंगे और नियमों के अनुसार आगे की प्रक्रिया अपना सकेंगे।
बैठक के अंत में परिवहन विभाग ने सभी उपस्थित विद्यालय प्रबंधकों एवं प्रधानाचार्यों से योजना का अध्ययन कर पात्र वाहनों के संबंध में आवश्यक कार्रवाई करने की अपेक्षा की। विभाग की ओर से योजना से संबंधित जानकारी और प्रपत्र उपलब्ध कराए गए, ताकि विद्यालय संचालकों को प्रक्रिया समझने में किसी प्रकार की कठिनाई न हो।
इस प्रकार हापुड़ में आयोजित बैठक में परिवर्तन योजना के माध्यम से पुराने वाहनों को हटाने, स्वच्छ एवं पर्यावरण-अनुकूल वाहनों को अपनाने और एनसीआर क्षेत्र में वायु प्रदूषण को कम करने के प्रयासों पर जोर दिया गया। अधिकारियों ने विद्यालय प्रबंधकों से योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की। वहीं, विभिन्न विद्यालयों के प्रतिनिधियों द्वारा योजना के तहत पात्र वाहनों का पंजीकरण कराने और निर्धारित प्रक्रिया अपनाने का आश्वासन दिया गया।
News Editor- (Jyoti Parjapati)
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