In-depth deliberation : समान नागरिक संहिता पर उच्च स्तरीय बैठक आयोजित, विभिन्न पहलुओं पर हुआ विस्तृत मंथन ?

In-depth deliberation : समान नागरिक संहिता पर उच्च स्तरीय बैठक आयोजित, विभिन्न पहलुओं पर हुआ विस्तृत मंथन

In-depth deliberation : समान नागरिक संहिता पर उच्च स्तरीय बैठक आयोजित, विभिन्न पहलुओं पर हुआ विस्तृत मंथन
In-depth deliberation : समान नागरिक संहिता पर उच्च स्तरीय बैठक आयोजित, विभिन्न पहलुओं पर हुआ विस्तृत मंथन

दमोह। समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के अध्ययन, जागरूकता एवं प्रशिक्षण के उद्देश्य से गठित उच्च स्तरीय समिति की महत्वपूर्ण बैठक बुधवार को दमोह स्थित पीजी कॉलेज ऑडिटोरियम में आयोजित की गई। इस बैठक में विधि, प्रशासन, सामाजिक और जनप्रतिनिधि क्षेत्रों से जुड़े अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समान नागरिक संहिता के विभिन्न आयामों, उसके सामाजिक प्रभावों तथा कानूनी पहलुओं पर व्यापक चर्चा करना रहा।

बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में प्रसिद्ध विधिवेत्ता एवं यूसीसी समिति के सदस्य अनूप नायर उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में समान नागरिक संहिता के संवैधानिक महत्व, इसकी आवश्यकता तथा देश में एक समान नागरिक व्यवस्था स्थापित करने की अवधारणा पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि संविधान निर्माताओं ने देश में सभी नागरिकों के लिए समान अधिकारों और समान अवसरों की कल्पना की थी। समान नागरिक संहिता उसी सोच को आगे बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण कदम है।

कार्यक्रम में विशेष रूप से भोपाल से आई वरिष्ठ आईएएस अधिकारी कविता बाटला की उपस्थिति भी उल्लेखनीय रही। उन्होंने प्रशासनिक दृष्टिकोण से समान नागरिक संहिता के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा करते हुए बताया कि किसी भी बड़े कानूनी और सामाजिक सुधार को लागू करने के लिए व्यापक जनजागरूकता और प्रशिक्षण की आवश्यकता होती है। उन्होंने कहा कि समाज के सभी वर्गों तक सही जानकारी पहुंचाना और उनके सुझावों को समझना इस प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

बैठक की अध्यक्षता वरिष्ठ जनप्रतिनिधि एवं पूर्व मंत्री डॉ रामकृष्ण कुसमरिया ने की। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि समान नागरिक संहिता केवल कानूनी विषय नहीं है, बल्कि यह सामाजिक समरसता, समानता और राष्ट्रीय एकता से भी जुड़ा हुआ विषय है। उन्होंने कहा कि इस विषय पर व्यापक चर्चा और संवाद आवश्यक है ताकि समाज के सभी वर्गों की भावनाओं और सुझावों को समझा जा सके।

बैठक में दमोह कलेक्टर प्रताप नारायण यादव भी मौजूद रहे। उन्होंने प्रशासन की ओर से कार्यक्रम के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज में जागरूकता बढ़ाने के लिए अत्यंत उपयोगी होते हैं। उन्होंने कहा कि कानून और संविधान से जुड़े विषयों की सही जानकारी आमजन तक पहुंचाना लोकतांत्रिक व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाता है।

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष रंजीता गौरव पटेल, जिला पंचायत उपाध्यक्ष मंजू कटारे, जनपद पंचायत अध्यक्ष प्रीति राजू कमल ठाकुर, उर्मिला पटेल सहित जिले के अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। सभी ने समान नागरिक संहिता के संबंध में अपने विचार साझा किए तथा समाज में इसकी संभावित उपयोगिता पर चर्चा की।

कार्यक्रम में वरिष्ठ समाजसेवी एवं व्यापारी वर्ग के प्रतिनिधि नरेंद्र बजाज, प्रदीप बजाज, भावसिंह मासाब तथा विद्यासागर पांडे सहित अनेक गणमान्य नागरिकों ने भाग लिया। उपस्थित लोगों ने विषय से जुड़े विभिन्न सामाजिक और कानूनी प्रश्नों पर चर्चा करते हुए विशेषज्ञों से जानकारी प्राप्त की।

In-depth deliberation : समान नागरिक संहिता पर उच्च स्तरीय बैठक आयोजित, विभिन्न पहलुओं पर हुआ विस्तृत मंथन
In-depth deliberation : समान नागरिक संहिता पर उच्च स्तरीय बैठक आयोजित, विभिन्न पहलुओं पर हुआ विस्तृत मंथन

सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर भी कार्यक्रम में वरिष्ठ अधिकारियों की महत्वपूर्ण उपस्थिति रही। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुजीत सिंह भदोरिया, अपर कलेक्टर मीना मसराम, एसडीएम सौरभ गंधर्व, सीएसपी एचआर पांडे, टीआई मनीष कुमार, तहसीलदार रॉबिन जैन तथा आशुतोष गुप्ता सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।

बैठक के दौरान समान नागरिक संहिता के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि समान नागरिक संहिता का मूल उद्देश्य सभी नागरिकों के लिए विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, गोद लेने और संपत्ति जैसे नागरिक मामलों में समान कानून लागू करना है। इससे विभिन्न समुदायों में प्रचलित अलग-अलग व्यक्तिगत कानूनों के स्थान पर एक समान व्यवस्था विकसित करने की दिशा में कदम बढ़ाया जा सकता है।

चर्चा के दौरान यह भी बताया गया कि समान नागरिक संहिता का विषय लंबे समय से राष्ट्रीय बहस का हिस्सा रहा है। संविधान के नीति निदेशक तत्वों में भी इसका उल्लेख किया गया है। वक्ताओं ने कहा कि इस विषय पर समाज के सभी वर्गों के बीच संवाद और जागरूकता आवश्यक है ताकि किसी भी प्रकार की भ्रांतियों को दूर किया जा सके और लोगों तक तथ्यात्मक जानकारी पहुंचाई जा सके।

कार्यक्रम में मौजूद प्रतिभागियों ने विशेषज्ञों से कई प्रश्न भी पूछे, जिनका विस्तार से उत्तर दिया गया। इससे कार्यक्रम संवादात्मक और ज्ञानवर्धक बन गया। उपस्थित लोगों ने इस प्रकार की बैठकों को समाज में संवैधानिक और कानूनी विषयों की समझ विकसित करने के लिए महत्वपूर्ण बताया।

बैठक के अंत में आयोजकों ने सभी अतिथियों, अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और नागरिकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि समान नागरिक संहिता जैसे महत्वपूर्ण विषय पर जनजागरूकता बढ़ाने के लिए भविष्य में भी इस प्रकार के प्रशिक्षण और अध्ययन कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

कुल मिलाकर दमोह के पीजी कॉलेज ऑडिटोरियम में आयोजित यह उच्च स्तरीय बैठक समान नागरिक संहिता के विषय पर गंभीर और सार्थक विमर्श का मंच बनी। कार्यक्रम में विधि विशेषज्ञों, प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और समाज के विभिन्न वर्गों की भागीदारी ने इसे विशेष महत्व प्रदान किया। बैठक में हुए विचार-विमर्श से यह स्पष्ट हुआ कि समान नागरिक संहिता को लेकर समाज में जागरूकता बढ़ाने तथा विभिन्न पहलुओं पर व्यापक संवाद स्थापित करने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

News Editor- (Jyoti Parjapati)

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