Demonstration : चोरी गए 30 लाख रुपये के जेवरात की बरामदगी को लेकर भाकियू का तितावी थाने में धरना प्रदर्शन ?

Demonstration : चोरी गए 30 लाख रुपये के जेवरात की बरामदगी को लेकर भाकियू का तितावी थाने में धरना प्रदर्शन

Demonstration : चोरी गए 30 लाख रुपये के जेवरात की बरामदगी को लेकर भाकियू का तितावी थाने में धरना प्रदर्शन
Demonstration : चोरी गए 30 लाख रुपये के जेवरात की बरामदगी को लेकर भाकियू का तितावी थाने में धरना प्रदर्शन

तितावी। अलीपुर कला गांव में करीब एक वर्ष पूर्व हुई लाखों रुपये की चोरी के मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली से नाराज भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के पदाधिकारियों और किसानों ने शनिवार को तितावी थाना परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। किसानों ने चोरी गए सामान, विशेष रूप से लगभग 30 लाख रुपये मूल्य के सोने के जेवरात की बरामदगी की मांग करते हुए पुलिस प्रशासन के खिलाफ नाराजगी व्यक्त की। धरने के दौरान किसानों ने चेतावनी दी कि जब तक चोरी का माल बरामद नहीं होता और पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिलता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

जानकारी के अनुसार अलीपुर कला गांव में लगभग एक वर्ष पूर्व एक बड़ी चोरी की घटना हुई थी। चोरों ने घर में घुसकर लाखों रुपये मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण और अन्य कीमती सामान चोरी कर लिया था। घटना के बाद पीड़ित परिवार ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद मामले की जांच शुरू की गई। लंबे समय तक कोई ठोस सफलता नहीं मिलने से ग्रामीणों और किसानों में पहले से ही नाराजगी थी।

भाकियू पदाधिकारियों का आरोप है कि पुलिस ने हाल ही में इस मामले में शामिल कुछ आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। इसके बावजूद चोरी गए जेवरात और अन्य सामान की बरामदगी नहीं हो सकी है। किसानों का कहना है कि यदि आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं, तो चोरी का माल भी बरामद होना चाहिए। उनका आरोप है कि पुलिस इस दिशा में गंभीरता नहीं दिखा रही है और मामले को केवल गिरफ्तारी तक सीमित रख रही है।

धरने के दौरान बड़ी संख्या में किसान और ग्रामीण थाना परिसर में एकत्र हुए। उन्होंने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए निष्पक्ष जांच और चोरी गए माल की शीघ्र बरामदगी की मांग की। किसानों का कहना था कि पीड़ित परिवार पिछले एक वर्ष से न्याय की प्रतीक्षा कर रहा है और अब तक उन्हें केवल आश्वासन ही मिले हैं।

भाकियू नेताओं ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में चोरी की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं और यदि चोरी के मामलों में बरामदगी नहीं होगी तो अपराधियों के हौसले और बुलंद होंगे। उन्होंने कहा कि पुलिस का दायित्व केवल आरोपियों को पकड़ना ही नहीं, बल्कि चोरी गए सामान को भी बरामद कर पीड़ितों को वापस दिलाना है। यदि ऐसा नहीं होता तो लोगों का कानून व्यवस्था से विश्वास कमजोर पड़ता है।

धरने को संबोधित करते हुए भाकियू पदाधिकारियों ने कहा कि किसान और आम नागरिक कानून का सम्मान करते हैं, लेकिन जब न्याय मिलने में देरी होती है तो लोगों को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ता है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से मांग की कि मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और चोरी गए सभी जेवरात जल्द से जल्द बरामद किए जाएं।

Demonstration : चोरी गए 30 लाख रुपये के जेवरात की बरामदगी को लेकर भाकियू का तितावी थाने में धरना प्रदर्शन
Demonstration : चोरी गए 30 लाख रुपये के जेवरात की बरामदगी को लेकर भाकियू का तितावी थाने में धरना प्रदर्शन

धरने के दौरान किसानों ने यह भी कहा कि यदि पुलिस ने जल्द कोई ठोस कार्रवाई नहीं की तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। इसके लिए जिला स्तर पर भी रणनीति तैयार की जाएगी और प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा जाएगा। किसानों ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी प्रकार का टकराव नहीं, बल्कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना है।

मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने किसानों को आश्वासन दिया कि मामले की जांच पूरी गंभीरता से की जा रही है। उन्होंने कहा कि गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ जारी है और चोरी गए माल की बरामदगी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस अधिकारियों ने विश्वास दिलाया कि जांच के आधार पर जल्द ही महत्वपूर्ण सफलता मिल सकती है।

हालांकि किसानों ने पुलिस के आश्वासन पर संतोष जताने के बजाय ठोस परिणामों की मांग की। उनका कहना था कि पिछले एक वर्ष से कई बार आश्वासन दिए गए हैं, लेकिन अब तक बरामदगी नहीं हो सकी है। इसलिए अब वे केवल कार्रवाई देखना चाहते हैं।

धरना-प्रदर्शन के दौरान थाना परिसर में सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ाई गई थी ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो। पूरे कार्यक्रम के दौरान किसान शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को उठाते रहे।

भारतीय किसान यूनियन ने प्रशासन से मांग की है कि चोरी के मामले को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए और पीड़ित परिवार को जल्द राहत दिलाई जाए। संगठन का कहना है कि यदि चोरी गए 30 लाख रुपये मूल्य के जेवरात बरामद नहीं होते हैं तो किसानों का आंदोलन आगे भी जारी रहेगा और इसे जिला स्तर तक विस्तारित किया जाएगा।

फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है, जबकि किसान संगठन चोरी गए माल की बरामदगी तक अपना संघर्ष जारी रखने की बात कह रहे हैं। अब सभी की निगाहें पुलिस की आगामी कार्रवाई और बरामदगी पर टिकी हुई हैं।

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