Devotees participated : प्राचीन शिव मंदिर में 84 दिवसीय मौन व्रत के उपलक्ष्य में भंडारे का आयोजन, श्रद्धालु हुए शामिल ?

Devotees participated : प्राचीन शिव मंदिर में 84 दिवसीय मौन व्रत के उपलक्ष्य में भंडारे का आयोजन, श्रद्धालु हुए शामिल

Devotees participated : प्राचीन शिव मंदिर में 84 दिवसीय मौन व्रत के उपलक्ष्य में भंडारे का आयोजन, श्रद्धालु हुए शामिल
Devotees participated : प्राचीन शिव मंदिर में 84 दिवसीय मौन व्रत के उपलक्ष्य में भंडारे का आयोजन, श्रद्धालु हुए शामिल

स्थानीय क्षेत्र स्थित प्राचीन शिव मंदिर परिसर में आज एक विशेष धार्मिक आयोजन के अंतर्गत भव्य भंडारे का आयोजन किया गया। यह आयोजन पंडित रामानंद शर्मा जी द्वारा किए गए 84 दिवसीय मौन व्रत और श्रीकृष्ण भक्ति साधना के उपलक्ष्य में संपन्न हुआ। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ प्राप्त किया।

मंदिर परिसर में सुबह से ही धार्मिक वातावरण देखने को मिला। श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और प्रसाद ग्रहण में भाग लिया। पूरा वातावरण भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण दिखाई दिया। आयोजन के दौरान भक्तों में विशेष उत्साह और श्रद्धा का भाव देखने को मिला।

पंडित रामानंद शर्मा जी ने जानकारी देते हुए बताया कि उन्होंने श्रीकृष्ण को साक्षी मानकर 84 दिनों तक मौन व्रत और कठिन साधना का पालन किया। उनके अनुसार यह व्रत पूर्णतः भक्ति और आत्मसंयम पर आधारित था, जिसमें उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण की आराधना करते हुए अपने जीवन को आध्यात्मिक साधना में समर्पित किया। उन्होंने कहा कि यह 84 दिवसीय साधना उनके लिए एक गहन आध्यात्मिक अनुभव रहा, जिसमें उन्होंने निरंतर भगवान की भक्ति और ध्यान में समय व्यतीत किया।

उन्होंने बताया कि इस अवधि में उन्होंने संयम, साधना और आत्मनियंत्रण का पालन किया तथा केवल ईश्वर चिंतन को ही अपने जीवन का केंद्र बनाया। उनके अनुसार भक्ति के इस मार्ग में उन्हें किसी प्रकार की कठिनाई का अनुभव नहीं हुआ, बल्कि यह समय उनके लिए आत्मिक शांति और आध्यात्मिक शक्ति का स्रोत बना।

पंडित रामानंद शर्मा जी ने यह भी कहा कि उनकी धर्मपत्नी ने भी इस साधना में उनका पूर्ण सहयोग किया और दोनों ने मिलकर श्रीकृष्ण भक्ति को अपने जीवन का आधार बनाया। उन्होंने बताया कि यह साधना केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं बल्कि आत्मिक अनुशासन और ईश्वर के प्रति पूर्ण समर्पण का प्रतीक है।

84वें दिन के उपलक्ष्य में आयोजित इस भंडारे में उन्होंने कहा कि यह आयोजन भगवान श्रीकृष्ण के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का एक माध्यम है। उन्होंने बताया कि भंडारे का उद्देश्य समाज के लोगों के साथ प्रसाद वितरण कर भक्ति और सेवा भावना को आगे बढ़ाना है।

आयोजन के दौरान पंडित रामानंद शर्मा जी ने उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि भगवान की भक्ति में अपार शक्ति होती है। यदि व्यक्ति सच्चे मन और श्रद्धा के साथ ईश्वर की आराधना करता है, तो उसे जीवन में किसी प्रकार की कठिनाई का सामना नहीं करना पड़ता। उन्होंने कहा कि भक्ति केवल कर्मकांड नहीं बल्कि आत्मा की शुद्धि और मन की शांति का माध्यम है।

Devotees participated : प्राचीन शिव मंदिर में 84 दिवसीय मौन व्रत के उपलक्ष्य में भंडारे का आयोजन, श्रद्धालु हुए शामिल
Devotees participated : प्राचीन शिव मंदिर में 84 दिवसीय मौन व्रत के उपलक्ष्य में भंडारे का आयोजन, श्रद्धालु हुए शामिल

उन्होंने यह भी कहा कि श्रीकृष्ण भक्ति का मार्ग जीवन को सकारात्मक दिशा देता है और मनुष्य को संयम, धैर्य और आत्मविश्वास प्रदान करता है। उनके अनुसार जो व्यक्ति निष्ठा और सच्चे भाव से ईश्वर की सेवा करता है, उसकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

भंडारे में उपस्थित श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया और आयोजन की सराहना की। कई लोगों ने कहा कि इस प्रकार के धार्मिक आयोजन समाज में एकता, सद्भाव और आध्यात्मिकता को बढ़ावा देते हैं। लोगों ने पंडित रामानंद शर्मा जी की साधना और भक्ति भावना की प्रशंसा की।

आयोजन स्थल पर भजन-कीर्तन का भी आयोजन किया गया, जिसमें भक्तों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। पूरा मंदिर परिसर “राधे-कृष्ण” के जयघोष से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने इसे एक आध्यात्मिक अनुभव बताया और कहा कि ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं।

पंडित रामानंद शर्मा जी ने अंत में कहा कि भक्ति का वास्तविक अर्थ केवल पूजा-पाठ नहीं बल्कि जीवन में सदाचार, सेवा और समर्पण को अपनाना है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से अपील की कि वे अपने जीवन में ईश्वर के प्रति आस्था बनाए रखें और अच्छे कर्मों के माध्यम से समाज में योगदान दें।

भंडारे के सफल आयोजन के बाद सभी श्रद्धालुओं ने आयोजकों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का समापन शांतिपूर्ण वातावरण में हुआ और मंदिर परिसर में पूरे दिन भक्ति और सेवा का माहौल बना रहा।

यह आयोजन न केवल एक धार्मिक कार्यक्रम रहा, बल्कि यह आध्यात्मिक साधना, सेवा भावना और सामाजिक एकता का भी प्रतीक बन गया। श्रद्धालुओं ने इसे एक प्रेरणादायक अनुभव बताया और भविष्य में भी ऐसे आयोजनों की अपेक्षा जताई।

News Editor- (Jyoti Parjapati)

सभी समाचार देखें सिर्फ अनदेखी खबर सबसे पहले सच के सिवा कुछ नहीं ब्यूरो रिपोर्टर :- अनदेखी खबर ।

YouTube Official Channel Link:
https://youtube.com/@atozcrimenews?si=_4uXQacRQ9FrwN7q

YouTube Official Channel Link:
https://www.youtube.com/@AndekhiKhabarNews

Facebook Official Page Link:
https://www.facebook.com/share/1AaUFqCbZ4/

Whatsapp Group Join Link:
https://chat.whatsapp.com/KuOsD1zOkG94Qn5T7Tus5E?mode=r_c

अनदेखी खबर न्यूज़ पेपर भारत का सर्वश्रेष्ठ पेपर और चैनल है न्यूज चैनल राजनीति, मनोरंजन, बॉलीवुड, व्यापार और खेल में नवीनतम समाचारों को शामिल करता है। अनदेखी खबर न्यूज चैनल की लाइव खबरें एवं ब्रेकिंग न्यूज के लिए हमारे चैनल को Subscribe, like, share करे।

आवश्यकता :- विशेष सूचना
(प्रदेश प्रभारी)
(मंडल प्रभारी)
(जिला ब्यूरो प्रमुख)
(जिला संवाददाता)
(जिला क्राइम रिपोर्टर)
(जिला मीडिया प्रभारी जिला)
(विज्ञापन प्रतिनिधि)
(तहसील ब्यूरो)
(प्रमुख तहसील संवाददाता

Check Also

Husband's death : परीक्षा देकर लौट रहे दंपति पर ताबड़तोड़ फायरिंग, पति की मौत से दहला इलाका

Husband’s death : परीक्षा देकर लौट रहे दंपति पर ताबड़तोड़ फायरिंग, पति की मौत से दहला इलाका ?

Husband’s death : परीक्षा देकर लौट रहे दंपति पर ताबड़तोड़ फायरिंग, पति की मौत से …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *