Two members arrested : उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा में ठगी करने वाले गिरोह के दो सदस्य गिरफ्तार

जौनपुर। उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। एसटीएफ ने उत्तर प्रदेश पुलिस आरक्षी भर्ती परीक्षा-2025 में अभ्यर्थियों को परीक्षा में पास कराने के नाम पर ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह के मुख्य सरगना और उसके एक सक्रिय सदस्य को गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई जौनपुर जनपद के मुंगरा बादशाहपुर थाना क्षेत्र स्थित ग्राम बड़गांव में की गई। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राजू कुमार मांझी और छोटेलाल यादव के रूप में हुई है।
एसटीएफ के अनुसार दोनों आरोपी लंबे समय से प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता दिलाने के नाम पर अभ्यर्थियों और उनके परिजनों को झांसा देकर बड़ी रकम वसूलने का कार्य कर रहे थे। गिरोह खुद को प्रभावशाली और परीक्षा प्रक्रिया में दखल रखने वाला बताकर अभ्यर्थियों को विश्वास में लेता था तथा उन्हें चयन सुनिश्चित कराने का दावा करता था। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि गिरोह के सदस्य परीक्षा में पास कराने के नाम पर लाखों रुपये की मांग करते थे और असफल होने पर भी पैसे वापस नहीं करते थे।
जानकारी के अनुसार एसटीएफ को पिछले कुछ समय से इस प्रकार की शिकायतें प्राप्त हो रही थीं कि कुछ लोग उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा में चयन सुनिश्चित कराने का झांसा देकर अभ्यर्थियों से धन उगाही कर रहे हैं। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए एसटीएफ ने मामले की जांच शुरू की। तकनीकी निगरानी, खुफिया सूचनाओं और स्थानीय स्तर पर जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर टीम ने गिरोह की गतिविधियों पर नजर रखी और अंततः दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की।
सूत्रों के अनुसार गिरोह का मुख्य सरगना राजू कुमार मांझी अभ्यर्थियों से सीधे संपर्क स्थापित करता था। वह उन्हें यह विश्वास दिलाता था कि उसके पास भर्ती प्रक्रिया से जुड़े ऐसे माध्यम हैं जिनकी मदद से चयन सुनिश्चित कराया जा सकता है। इसके लिए वह अभ्यर्थियों और उनके परिवारों से मोटी रकम की मांग करता था। वहीं छोटेलाल यादव गिरोह के सक्रिय सदस्य के रूप में संपर्क स्थापित करने, लोगों को जोड़ने और धन एकत्र करने में भूमिका निभाता था।
जांच एजेंसियों का मानना है कि यह गिरोह केवल एक जिले तक सीमित नहीं था, बल्कि इसके तार अन्य क्षेत्रों तक भी जुड़े हो सकते हैं। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर एसटीएफ अब गिरोह के अन्य सदस्यों और सहयोगियों की तलाश कर रही है। संभावना जताई जा रही है कि इस नेटवर्क में कई अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं जिन्होंने अभ्यर्थियों को गुमराह कर आर्थिक लाभ कमाने का प्रयास किया।
एसटीएफ अधिकारियों ने बताया कि प्रतियोगी परीक्षाओं में बढ़ती प्रतिस्पर्धा का लाभ उठाकर ऐसे गिरोह युवाओं और उनके परिवारों को निशाना बनाते हैं। चयन की चिंता में कई अभ्यर्थी इनकी बातों में आ जाते हैं और अपनी मेहनत की कमाई इनके हवाले कर देते हैं। बाद में जब उन्हें ठगी का अहसास होता है तब तक काफी देर हो चुकी होती है। इसलिए युवाओं को ऐसे किसी भी व्यक्ति या संस्था से सावधान रहने की आवश्यकता है जो परीक्षा में सफलता दिलाने की गारंटी देता हो।

विशेषज्ञों का कहना है कि सरकारी भर्ती परीक्षाएं पूरी तरह पारदर्शी प्रक्रिया के तहत आयोजित की जाती हैं और किसी भी बाहरी व्यक्ति के लिए परिणामों को प्रभावित करना संभव नहीं होता। इसके बावजूद कुछ ठग लोगों की भावनाओं और उम्मीदों का फायदा उठाकर उन्हें धोखा देने का प्रयास करते हैं। ऐसे मामलों में जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है।
गिरफ्तारी के बाद एसटीएफ ने आरोपियों के कब्जे से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, मोबाइल फोन और अन्य सामग्री भी बरामद की है। बरामद सामग्री की जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि गिरोह ने किन-किन लोगों से संपर्क किया था और कितने अभ्यर्थियों को अपना शिकार बनाया। डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
एसटीएफ अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ में कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं। आरोपियों से प्राप्त सूचनाओं के आधार पर अन्य संभावित ठिकानों और सहयोगियों की पहचान की जा रही है। जांच का दायरा बढ़ाया गया है ताकि इस पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके।
इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल है। अभ्यर्थियों और उनके परिजनों ने एसटीएफ की कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे गिरोह युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करते हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्र वर्षों तक मेहनत करते हैं और जब कोई व्यक्ति चयन का झूठा सपना दिखाकर उनसे धन वसूलता है तो यह न केवल आर्थिक बल्कि मानसिक शोषण भी होता है।
पुलिस और एसटीएफ ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार के प्रलोभन में न आएं और केवल अपनी मेहनत एवं योग्यता पर भरोसा रखें। यदि कोई व्यक्ति परीक्षा में पास कराने, प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने या चयन सुनिश्चित कराने का दावा करता है तो उसकी सूचना तुरंत संबंधित पुलिस अथवा जांच एजेंसी को दें।
एसटीएफ ने यह भी स्पष्ट किया है कि भर्ती परीक्षाओं की शुचिता बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है। किसी भी प्रकार की अनियमितता, धोखाधड़ी या फर्जीवाड़े में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
गिरफ्तार दोनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। उन्हें न्यायालय में पेश कर आवश्यक प्रक्रिया पूरी की जाएगी। वहीं जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि अब तक गिरोह ने कितने लोगों से धन लिया और कुल कितनी रकम की ठगी की गई।
उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा राज्य की सबसे महत्वपूर्ण भर्ती परीक्षाओं में से एक मानी जाती है, जिसमें लाखों अभ्यर्थी भाग लेते हैं। ऐसे में इस प्रकार के गिरोहों का सक्रिय होना चिंता का विषय है। एसटीएफ की यह कार्रवाई न केवल एक बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, बल्कि यह उन लोगों के लिए भी कड़ा संदेश है जो युवाओं की आकांक्षाओं का लाभ उठाकर अवैध कमाई करना चाहते हैं।
एसटीएफ अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि भर्ती परीक्षाओं की निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए आगे भी इसी प्रकार की कार्रवाई जारी रहेगी और दोषियों को कानून के दायरे में लाया जाएगा।
News Editor- (Jyoti Parjapati)
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