Voluntary organizations : दिव्यांगजन पुनर्वास हेतु स्वैच्छिक संस्थाओं से आवेदन आमंत्रित, सात परियोजनाओं पर मिलेगा अनुदान

हापुड़। दिव्यांगजनों के सामाजिक, शैक्षिक एवं आर्थिक सशक्तीकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग उत्तर प्रदेश द्वारा संचालित “दिव्यांगजन के सर्वांगीण पुनर्वास हेतु स्वैच्छिक संस्थाओं को सहायता” योजना के अंतर्गत जनपद की पात्र स्वैच्छिक संस्थाओं से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इस योजना का उद्देश्य दिव्यांगजनों को बेहतर शिक्षा, प्रशिक्षण, पुनर्वास एवं आत्मनिर्भरता के अवसर उपलब्ध कराना है, जिससे वे समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकें और सम्मानजनक जीवन व्यतीत कर सकें।
जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी ऋचा गुप्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग, उत्तर प्रदेश, लखनऊ द्वारा इस संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। योजना के अंतर्गत दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम-2016 में वर्णित 21 प्रकार की दिव्यांगताओं से संबंधित व्यक्तियों के लिए विभिन्न पुनर्वास एवं विकास कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे। हालांकि मानसिक मंदित एवं मानसिक रूप से रूग्ण दिव्यांगजन इस योजना के दायरे में शामिल नहीं किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत स्वैच्छिक संस्थाओं को सात प्रमुख परियोजनाओं एवं कार्यक्रमों के संचालन हेतु सहायता अनुदान प्रदान किया जाएगा। इन परियोजनाओं का उद्देश्य दिव्यांगजनों को प्रारंभिक अवस्था से लेकर शिक्षा, कौशल विकास और सामाजिक पुनर्वास तक विभिन्न स्तरों पर सहयोग प्रदान करना है।
योजना के अंतर्गत जिन सात परियोजनाओं के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं, उनमें अर्ली इंटरवेंशन सेंटर की स्थापना एवं संचालन, डे केयर सेंटर अथवा प्री-प्राइमरी स्कूल का संचालन, प्राथमिक स्तर के विशेष विद्यालयों का संचालन, जूनियर हाईस्कूल स्तर तक विशेष विद्यालयों का संचालन, हाईस्कूल स्तर तक विशेष विद्यालयों का संचालन, कौशल विकास कार्यक्रम तथा पाठ्य सामग्री विकास एवं पुस्तकालय संचालन शामिल हैं।
अर्ली इंटरवेंशन सेंटर के माध्यम से दिव्यांग बच्चों की प्रारंभिक पहचान एवं उपचार संबंधी सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। विशेषज्ञों का मानना है कि प्रारंभिक हस्तक्षेप से दिव्यांग बच्चों के विकास की संभावनाओं को बेहतर बनाया जा सकता है। इसी प्रकार डे केयर सेंटर एवं प्री-प्राइमरी विद्यालय छोटे बच्चों को विशेष शिक्षा एवं देखभाल प्रदान करेंगे।
विशेष विद्यालयों के संचालन के माध्यम से दिव्यांग बच्चों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। प्राथमिक, जूनियर हाईस्कूल एवं हाईस्कूल स्तर तक संचालित होने वाले इन विद्यालयों में प्रशिक्षित शिक्षकों एवं विशेष संसाधनों की सहायता से बच्चों के सर्वांगीण विकास पर बल दिया जाएगा।

कौशल विकास कार्यक्रम भी इस योजना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके अंतर्गत अधिकतम चार और न्यूनतम दो ट्रेडों में प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य दिव्यांगजनों को रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों के लिए तैयार करना है, जिससे वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें। वर्तमान समय में कौशल विकास दिव्यांगजनों के सशक्तीकरण का एक प्रभावी माध्यम माना जाता है।
इसके अतिरिक्त पाठ्य सामग्री विकास एवं पुस्तकालय संचालन की परियोजना भी योजना में शामिल की गई है। इसके माध्यम से दिव्यांग विद्यार्थियों की आवश्यकताओं के अनुरूप अध्ययन सामग्री विकसित की जाएगी तथा विशेष पुस्तकालयों का संचालन किया जाएगा। इससे शिक्षा के क्षेत्र में दिव्यांगजनों की भागीदारी बढ़ाने में सहायता मिलेगी।
जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी ने बताया कि जनपद में कार्यरत प्रतिष्ठित एवं अनुभवी स्वैच्छिक संस्थाएं, जो दिव्यांगजनों के कल्याण एवं पुनर्वास के क्षेत्र में कार्य कर रही हैं, वे निर्धारित प्रारूप पर आवेदन कर सकती हैं। आवेदन के साथ सभी आवश्यक अभिलेख एवं औपचारिकताएं पूर्ण करना अनिवार्य होगा। विभाग द्वारा प्राप्त आवेदनों का परीक्षण कर पात्र संस्थाओं का चयन किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि इस योजना के माध्यम से सरकार का उद्देश्य दिव्यांगजनों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए गैर सरकारी संगठनों एवं स्वैच्छिक संस्थाओं की सहभागिता सुनिश्चित करना है। समाज में कार्यरत अनुभवी संस्थाएं दिव्यांगजनों तक प्रभावी ढंग से सेवाएं पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
विभाग ने इच्छुक संस्थाओं से निर्धारित समयावधि के भीतर आवेदन प्रस्तुत करने का अनुरोध किया है। आवेदन पत्र एवं अन्य आवश्यक जानकारी जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी कार्यालय, विकास भवन, कमरा संख्या-16, हापुड़ से प्राप्त की जा सकती है। संस्थाओं को आवेदन के साथ सभी आवश्यक दस्तावेज संलग्न करने होंगे ताकि चयन प्रक्रिया में किसी प्रकार की कठिनाई न हो।
ऋचा गुप्ता ने बताया कि योजना संबंधी विस्तृत जानकारी प्राप्त करने के लिए इच्छुक व्यक्ति अथवा संस्थाएं किसी भी कार्यदिवस में जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी कार्यालय में संपर्क कर सकती हैं। विभाग द्वारा सभी पात्र संस्थाओं को योजना का लाभ दिलाने हेतु आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस योजना के माध्यम से जनपद में दिव्यांगजनों के लिए शिक्षा, प्रशिक्षण एवं पुनर्वास सेवाओं का विस्तार होगा और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने में महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी। सरकार की यह पहल दिव्यांगजनों के सशक्तीकरण एवं समावेशी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
News Editor- (Jyoti Parjapati)
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