Nationwide review underway : मोबाइल इमरजेंसी अलर्ट सेवा अस्थायी रूप से बंद, तकनीकी और परिचालन समीक्षा जारी देशभर

नई दिल्ली। देशभर में मोबाइल फोन पर आपातकालीन परिस्थितियों के दौरान चेतावनी संदेश भेजने वाली सेल ब्रॉडकास्ट (Cell Broadcast) सेवा को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) द्वारा विभिन्न राज्यों को जारी की गई एक एडवाइजरी के बाद इस निर्णय की जानकारी सामने आई है। इस फैसले के बाद फिलहाल मोबाइल उपयोगकर्ताओं को आपदा या आपात स्थिति से संबंधित अलर्ट संदेश प्राप्त नहीं होंगे। हालांकि अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह व्यवस्था स्थायी रूप से बंद नहीं की गई है, बल्कि तकनीकी और परिचालन समीक्षा पूरी होने तक इसे अस्थायी रूप से रोका गया है।
सूत्रों के अनुसार, केरल राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को भी एनडीएमए की ओर से एक पत्र प्राप्त हुआ है, जिसमें सेल ब्रॉडकास्ट अलर्ट प्रणाली के उपयोग को फिलहाल रोकने के निर्देश दिए गए हैं। इसी प्रकार अन्य राज्यों को भी समान दिशा-निर्देश जारी किए जाने की जानकारी सामने आ रही है। हालांकि इस संबंध में एनडीएमए की ओर से अभी तक कोई विस्तृत सार्वजनिक बयान जारी नहीं किया गया है।
सेल ब्रॉडकास्ट तकनीक पिछले कुछ वर्षों में भारत में आपदा प्रबंधन व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बनकर उभरी थी। इस तकनीक के माध्यम से किसी विशेष क्षेत्र में मौजूद सभी मोबाइल फोन उपयोगकर्ताओं को एक साथ आपातकालीन संदेश भेजे जा सकते हैं। बाढ़, चक्रवात, भूकंप, सुनामी, अत्यधिक वर्षा, बिजली गिरने की आशंका या अन्य प्राकृतिक आपदाओं के समय इस प्रणाली का उपयोग लोगों को समय रहते सतर्क करने के लिए किया जाता रहा है।
इस तकनीक की सबसे बड़ी विशेषता यह रही है कि इसके लिए मोबाइल नंबरों के अलग-अलग डाटाबेस की आवश्यकता नहीं होती। जिस क्षेत्र के लिए अलर्ट जारी किया जाता है, उस क्षेत्र में सक्रिय सभी मोबाइल उपकरणों पर संदेश स्वतः पहुंच जाता है। यही कारण है कि इसे आपदा चेतावनी प्रणाली के लिए एक प्रभावी माध्यम माना जाता है।
भारत में इस सेवा का बड़े पैमाने पर परीक्षण वर्ष 2023 से शुरू हुआ था। कई बार नागरिकों के मोबाइल फोन पर तेज ध्वनि के साथ परीक्षण संदेश प्राप्त हुए थे, जिनमें स्पष्ट रूप से लिखा होता था कि यह केवल एक परीक्षण है और किसी वास्तविक आपदा से संबंधित नहीं है। इन परीक्षणों का उद्देश्य तकनीकी व्यवस्था की प्रभावशीलता को परखना तथा भविष्य में आपातकालीन स्थितियों के दौरान त्वरित सूचना प्रसारण सुनिश्चित करना था।
पिछले कुछ समय में विभिन्न राज्यों में मौसम संबंधी चेतावनियों, चक्रवात अलर्ट तथा अन्य आपदा सूचनाओं के लिए इस सेवा का उपयोग किया जा रहा था। विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर प्राप्त चेतावनी संदेश अनेक परिस्थितियों में लोगों की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। विशेष रूप से तटीय क्षेत्रों, बाढ़ प्रभावित इलाकों तथा प्राकृतिक आपदाओं की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों में इस प्रकार की चेतावनी प्रणाली अत्यंत उपयोगी साबित होती है।

हालांकि अब इस सेवा को अस्थायी रूप से बंद किए जाने के निर्णय ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अभी तक आधिकारिक रूप से यह नहीं बताया गया है कि सेवा को रोकने के पीछे मुख्य कारण क्या है। फिर भी विभिन्न स्तरों पर यह संकेत दिए गए हैं कि संबंधित एजेंसियों के साथ मिलकर तकनीकी तथा परिचालन पहलुओं की व्यापक समीक्षा की जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी राष्ट्रीय स्तर की चेतावनी प्रणाली के लिए तकनीकी सटीकता, संदेश वितरण की विश्वसनीयता तथा नेटवर्क समन्वय अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं। यदि किसी स्तर पर तकनीकी चुनौतियां सामने आती हैं तो उनका समाधान सुनिश्चित करने के बाद ही सेवा को पूर्ण रूप से संचालित करना आवश्यक माना जाता है। संभव है कि इसी उद्देश्य से वर्तमान समीक्षा प्रक्रिया शुरू की गई हो।
दूरसंचार और आपदा प्रबंधन क्षेत्र से जुड़े जानकारों का कहना है कि सेल ब्रॉडकास्ट सेवा में विभिन्न मोबाइल नेटवर्क ऑपरेटरों, सरकारी एजेंसियों, आपदा प्रबंधन संस्थाओं और तकनीकी प्लेटफॉर्मों के बीच उच्च स्तर का समन्वय आवश्यक होता है। किसी भी प्रकार की तकनीकी खामी या परिचालन चुनौती को दूर करने के लिए समय-समय पर समीक्षा की जाती है ताकि भविष्य में सेवा अधिक प्रभावी ढंग से कार्य कर सके।
इस बीच नागरिकों को सलाह दी जा रही है कि वे मौसम विभाग, स्थानीय प्रशासन, राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों तथा अन्य आधिकारिक माध्यमों द्वारा जारी सूचनाओं पर ध्यान देते रहें। चूंकि सेल ब्रॉडकास्ट सेवा अस्थायी रूप से बंद है, इसलिए आपदा संबंधी जानकारी के लिए वैकल्पिक आधिकारिक स्रोतों का उपयोग महत्वपूर्ण रहेगा।
विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि डिजिटल तकनीक आधारित चेतावनी प्रणालियां भविष्य के आपदा प्रबंधन ढांचे का महत्वपूर्ण हिस्सा बनने जा रही हैं। दुनिया के कई देशों में सेल ब्रॉडकास्ट प्रणाली का उपयोग सफलतापूर्वक किया जा रहा है और भारत भी इस दिशा में लगातार अपने तंत्र को मजबूत कर रहा है। इसलिए यह संभावना जताई जा रही है कि समीक्षा प्रक्रिया पूरी होने के बाद सेवा को और अधिक प्रभावी एवं उन्नत स्वरूप में पुनः शुरू किया जा सकता है।
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से नए दिशा-निर्देश जारी होने के बाद ही इस सेवा की बहाली को लेकर स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी। फिलहाल राज्यों को दिए गए निर्देशों के अनुसार सेल ब्रॉडकास्ट आधारित आपातकालीन अलर्ट प्रणाली का उपयोग रोक दिया गया है और तकनीकी एवं परिचालन मूल्यांकन का कार्य जारी है।
सरकार और संबंधित एजेंसियों की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि आपदा चेतावनी प्रणाली पूरी तरह भरोसेमंद, सटीक और प्रभावी हो। इसी उद्देश्य से चल रही समीक्षा के परिणामों का इंतजार किया जा रहा है। समीक्षा पूरी होने और नए निर्देश जारी होने के बाद देशभर में मोबाइल इमरजेंसी अलर्ट सेवा को फिर से शुरू किए जाने की संभावना है, जिससे नागरिकों को आपातकालीन परिस्थितियों में समय पर और विश्वसनीय चेतावनी मिलती रहे।
News Editor- (Jyoti Parjapati)
सभी समाचार देखें सिर्फ अनदेखी खबर सबसे पहले सच के सिवा कुछ नहीं ब्यूरो रिपोर्टर :- अनदेखी खबर ।
YouTube Official Channel Link:
https://youtube.com/@atozcrimenews?si=_4uXQacRQ9FrwN7q
YouTube Official Channel Link:
https://www.youtube.com/@AndekhiKhabarNews
Facebook Official Page Link:
https://www.facebook.com/share/1AaUFqCbZ4/
Whatsapp Group Join Link:
https://chat.whatsapp.com/KuOsD1zOkG94Qn5T7Tus5E?mode=r_c
अनदेखी खबर न्यूज़ पेपर भारत का सर्वश्रेष्ठ पेपर और चैनल है न्यूज चैनल राजनीति, मनोरंजन, बॉलीवुड, व्यापार और खेल में नवीनतम समाचारों को शामिल करता है। अनदेखी खबर न्यूज चैनल की लाइव खबरें एवं ब्रेकिंग न्यूज के लिए हमारे चैनल को Subscribe, like, share करे।
आवश्यकता :- विशेष सूचना
(प्रदेश प्रभारी)
(मंडल प्रभारी)
(जिला ब्यूरो प्रमुख)
(जिला संवाददाता)
(जिला क्राइम रिपोर्टर)
(जिला मीडिया प्रभारी जिला)
(विज्ञापन प्रतिनिधि)
(तहसील ब्यूरो)
(प्रमुख तहसील संवाददाता