Gaming center accidents : अलीगंज गेमिंग सेंटर हादसे के बाद एलडीए के 16 अधिकारियों पर जांच की तलवार

होटल एसएसजे इंटरनेशनल, विराट और लेवाना की तरह ही एलडीए के भ्रष्ट तंत्र ने अलीगंज के गेमिंग सेंटर को लाक्षागृह बना दिया। एकल आवासीय नक्शा पास कराकर जिस स्थान पर घन बनना था, वहां तीन मंजिला अवैध व्यावसायिक कांप्लेक्स तनकर खड़ा हो गया। कई महीने तक हुए इस अवैध निर्माण को देखकर भी एलडीए के तत्कालीन विहित प्राधिकारी, चीफ इंजीनियर, जोन चार के जोनल अधिकारी, सहायक और अवर अभियंताओं ने अपनी आंखें बंद रखी। अब घटना के बाद जब जांच शुरू हुई तो इन 16 अधिकारियों की कुंडली तैयार की गई है। इसे एलडीए देर रात जिलाधिकारी के माध्यम से शासन को सौंपेगा।
एलडीए ने 11 जुलाई 1980 को दिलकुशा निवासी विजय कुमार को लाटरी के माध्यम से भवन /भूखंड संख्या एमएस /102 आवंटित किया था। वर्ष 2005 में एलडीए ने विजय कुमार के पक्ष में रजिस्ट्री कर दी थी। इसके बाद 19 जनवरी 2013 को विजय कुमार ने यह संपत्ति वीरेंद्र प्रसाद शुक्ल और सुरेंद्र प्रसाद शुक्ल को बेच दी थी। उन दोनों के नाम संपत्ति की रजिस्ट्री के बाद वर्ष 2014 में 1992 वर्गफीट संपत्ति का नामांतरण भी हो गया था। दोनों ने ही 20 अगस्त 2014 को एलडीए से स्वत: मानचित्र योजना के तहत मानचित्र पास कराया था।

इस योजना में मानचित्र और एक शपथपथ देने का प्रविधान था। जिसमें आवेदक को यह बताना होता है कि वह प्रस्तुत मानचित्र के तहत ही उसी के भू उपयोग के अनुसार ही निर्माण करेगा। ऐसा न करने पर मानचित्र स्वत: निरस्त माना जाएगा। शपथपत्र के साथ आवासीय निर्माण का मानचित्र प्रस्तुत किया गया था। एकल आवासीय यूनिट के तहत निर्माण की जगह अवैध कांप्लेक्स तैयार कर दिया गया। आवासीय नक्शे के मानकों की अनदेखी की गई। सेटबैक को छोड़े बिना ही पूरे कवर्ड एरिया में बेसमेंट और तीन मंजिल निर्माण हो गया।
एकल आवासीय निर्माण की जगह बेसमेंट खोदकर बहुमंजिला भवन बनाते हुए वर्ष 2016 में एलडीए ने एक नोटिस जारी की थी। इस नोटिस के बाद भी मानचित्र को निरस्त नहीं किया गया। दो हजार वर्गमीटर से कम क्षेत्रफल के भूखंड पर उस समय की भवन निर्माण नियमावली के तहत केवल 65 प्रतिशत क्षेत्र का कवरेज होना चाहिए। 35 प्रतिशत सेटबैक फायर सेवा व अन्य उपयोग के लिए छोड़ा जाना चाहिए। मौके पर 100 प्रतिशत तक कवरेज एरिया पाया गया। एकल यूनिट में सामने, अगल और बगल दो -दो मीटर का सेटबैक छोड़ने के बाद 40 प्रतिशत हिस्से तक ही बेसमेंट बनाया जाना चाहिए। मौके पर बेसमेंट का कवरेज एरिया 90 प्रतिशत से अधिक है।
News Editor- (Jyoti Parjapati)
सभी समाचार देखें सिर्फ अनदेखी खबर सबसे पहले सच के सिवा कुछ नहीं ब्यूरो रिपोर्टर :- अनदेखी खबर ।
YouTube Official Channel Link:
https://youtube.com/@atozcrimenews?si=_4uXQacRQ9FrwN7q
YouTube Official Channel Link:
https://www.youtube.com/@AndekhiKhabarNews
Facebook Official Page Link:
https://www.facebook.com/share/1AaUFqCbZ4/
Whatsapp Group Join Link:
https://chat.whatsapp.com/KuOsD1zOkG94Qn5T7Tus5E?mode=r_c
अनदेखी खबर न्यूज़ पेपर भारत का सर्वश्रेष्ठ पेपर और चैनल है न्यूज चैनल राजनीति, मनोरंजन, बॉलीवुड, व्यापार और खेल में नवीनतम समाचारों को शामिल करता है। अनदेखी खबर न्यूज चैनल की लाइव खबरें एवं ब्रेकिंग न्यूज के लिए हमारे चैनल को Subscribe, like, share करे।
आवश्यकता :- विशेष सूचना
(प्रदेश प्रभारी)
(मंडल प्रभारी)
(जिला ब्यूरो प्रमुख)
(जिला संवाददाता)
(जिला क्राइम रिपोर्टर)
(जिला मीडिया प्रभारी जिला)
(विज्ञापन प्रतिनिधि)
(तहसील ब्यूरो)
(प्रमुख तहसील संवाददाता