House Arrest : जंतर मंतर धरने से पहले दिनाभाना आर्मी बहुजन एकता मिशन के सदस्य सोनी पार्चा हाउस अरेस्ट

हापुड़ (उत्तर प्रदेश)। दिनाभाना आर्मी बहुजन एकता मिशन के राष्ट्रीय कोर कमेटी सदस्य सोनी पार्चा वाल्मीकि को जंतर मंतर पर आयोजित प्रस्तावित विरोध-धरने में शामिल होने के लिए रवाना होने से पहले पुलिस द्वारा उनके आवास पर ही हाउस अरेस्ट किए जाने का मामला सामने आया है। इस घटना के बाद संगठन के कार्यकर्ताओं और समर्थकों में नाराज़गी देखी जा रही है। संगठन का कहना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है और किसी भी व्यक्ति को बिना उचित कारण उसके घर में ही सीमित करना उचित नहीं माना जा सकता।
जानकारी के अनुसार, दिनाभाना आर्मी बहुजन एकता मिशन के सदस्य सोनी पार्चा वाल्मीकि जंतर मंतर पर आयोजित विरोध-धरने में भाग लेने के लिए अपने साथियों के साथ दिल्ली रवाना होने की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान पुलिस उनके आवास पर पहुंची और उन्हें घर से बाहर नहीं जाने दिया। संगठन के अनुसार पुलिस ने उन्हें उनके ही आवास पर रोकते हुए हाउस अरेस्ट कर दिया, जिसके कारण वे निर्धारित कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके।
संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि जंतर मंतर पर आयोजित धरने का उद्देश्य समाज से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लोकतांत्रिक तरीके से सरकार के सामने रखना था। उनका कहना है कि विरोध-प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण और संवैधानिक दायरे में किया जाना था। इसके बावजूद धरने में शामिल होने से पहले ही पुलिस की कार्रवाई ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
दिनाभाना आर्मी बहुजन एकता मिशन के कार्यकर्ताओं ने कहा कि यदि किसी प्रकार की कानून-व्यवस्था संबंधी आशंका थी तो प्रशासन बातचीत के माध्यम से समाधान निकाल सकता था। उनका कहना है कि किसी भी संगठन के सदस्य को बिना किसी स्पष्ट जानकारी के घर से बाहर न निकलने देना लोकतांत्रिक अधिकारों पर अंकुश लगाने जैसा प्रतीत होता है। संगठन ने इस कार्रवाई पर आपत्ति जताते हुए कहा कि वे हमेशा संविधान और कानून के दायरे में रहकर सामाजिक न्याय तथा बहुजन समाज के हितों की आवाज़ उठाते रहे हैं।
बताया गया कि सोनी पार्चा वाल्मीकि लंबे समय से सामाजिक और संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय हैं। राष्ट्रीय कोर कमेटी के सदस्य होने के नाते वे संगठन के विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेते रहे हैं। जंतर मंतर पर आयोजित धरने में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रहने वाली थी, लेकिन पुलिस कार्रवाई के कारण वे कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके।
घटना की सूचना मिलते ही संगठन के कई पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने इस पर चिंता व्यक्त की। उनका कहना है कि लोकतंत्र में अपनी बात शांतिपूर्ण तरीके से रखना प्रत्येक नागरिक का अधिकार है और यदि किसी प्रकार का प्रतिबंध लगाया जाता है तो उसके स्पष्ट कारण सार्वजनिक किए जाने चाहिए। संगठन ने कहा कि वे इस मामले को कानूनी और लोकतांत्रिक तरीके से आगे बढ़ाने पर विचार करेंगे।
स्थानीय स्तर पर भी इस घटना की चर्चा रही। कई लोगों ने इसे प्रशासनिक निर्णय बताया, जबकि संगठन से जुड़े लोगों ने इसे अपने लोकतांत्रिक अधिकारों के हनन के रूप में देखा। संगठन के समर्थकों ने मांग की कि भविष्य में शांतिपूर्ण कार्यक्रमों में शामिल होने वाले सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ इस प्रकार की कार्रवाई न की जाए।

दिनाभाना आर्मी बहुजन एकता मिशन ने अपने बयान में कहा कि उनका उद्देश्य समाज में समानता, सामाजिक न्याय और संवैधानिक मूल्यों को मजबूत करना है। संगठन का कहना है कि वह हमेशा शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक माध्यमों से अपनी बात सरकार और प्रशासन तक पहुंचाने का कार्य करता रहा है। ऐसे में किसी भी सदस्य को कार्यक्रम में भाग लेने से पहले ही घर में रोक देना चिंताजनक है।
संगठन ने यह भी कहा कि यदि किसी कार्यक्रम को लेकर प्रशासन को कोई आशंका थी तो संगठन के प्रतिनिधियों के साथ संवाद स्थापित किया जा सकता था। उनका मानना है कि संवाद लोकतंत्र की सबसे मजबूत प्रक्रिया है और इसी के माध्यम से किसी भी स्थिति का समाधान निकाला जा सकता है।
फिलहाल इस पूरे मामले को लेकर विभिन्न स्तरों पर चर्चा जारी है। संगठन के कार्यकर्ताओं का कहना है कि वे संवैधानिक दायरे में रहकर अपने अधिकारों और सामाजिक मुद्दों को उठाते रहेंगे। वहीं, पुलिस प्रशासन की ओर से इस कार्रवाई के संबंध में आधिकारिक विस्तृत बयान सामने आने का इंतजार किया जा रहा है। यदि प्रशासन की ओर से कोई स्पष्टीकरण जारी किया जाता है तो उससे इस कार्रवाई के कारणों की स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी।
यह घटना एक बार फिर लोकतांत्रिक अधिकारों, शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन और कानून-व्यवस्था के बीच संतुलन बनाए रखने की आवश्यकता की ओर ध्यान आकर्षित करती है। आने वाले समय में इस मामले पर प्रशासन और संगठन की ओर से जो भी आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आएगी, उस पर सभी की निगाहें बनी रहेंगी।
News Editor- (Jyoti Parjapati)
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