Meeting held : शीर्षक: सीएमओ सभागार में पीएम राहत कैशलेस योजना पर जागरूकता बैठक आयोजित ?

Meeting held : शीर्षक: सीएमओ सभागार में पीएम राहत कैशलेस योजना पर जागरूकता बैठक आयोजित

Meeting held : शीर्षक: सीएमओ सभागार में पीएम राहत कैशलेस योजना पर जागरूकता बैठक आयोजित
Meeting held : शीर्षक: सीएमओ सभागार में पीएम राहत कैशलेस योजना पर जागरूकता बैठक आयोजित

सड़क दुर्घटनाओं में घायल होने वाले लोगों को समय पर और बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मंगलवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) कार्यालय के सभागार में पीएम राहत कैशलेस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर एक महत्वपूर्ण कार्यशाला एवं जागरूकता बैठक का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व डिप्टी सीएमओ डॉ. सुनील गुप्ता तथा जिला सूचना एवं विज्ञान विभाग के आईआरएडी (IRAD) जिला प्रभारी श्री निशांत राजपूत ने संयुक्त रूप से किया। बैठक में जिले के लगभग सभी निजी अस्पतालों के चिकित्सक, अस्पताल प्रबंधक और संबंधित स्टाफ के साथ-साथ सीएमओ कार्यालय की आयुष्मान भारत योजना से जुड़े अधिकारी एवं कर्मचारी भी उपस्थित रहे।

बैठक का मुख्य उद्देश्य निजी अस्पतालों को पीएम राहत कैशलेस योजना की कार्यप्रणाली, नियमों और प्रक्रिया से अवगत कराना था, ताकि सड़क दुर्घटना के पीड़ितों को दुर्घटना के तुरंत बाद बिना किसी आर्थिक बाधा के उपचार उपलब्ध कराया जा सके। अधिकारियों ने बताया कि सड़क दुर्घटना के बाद का पहला एक घंटा, जिसे गोल्डन ऑवर कहा जाता है, घायल व्यक्ति के जीवन को बचाने के लिए सबसे महत्वपूर्ण समय होता है। यदि इस अवधि में पीड़ित को त्वरित और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा मिल जाए तो गंभीर से गंभीर घायल की जान भी बचाई जा सकती है।

डिप्टी सीएमओ डॉ. सुनील गुप्ता ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई पीएम राहत कैशलेस योजना का उद्देश्य सड़क दुर्घटना पीड़ितों को तत्काल उपचार उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि कई बार दुर्घटना के बाद घायल व्यक्ति या उसके परिजनों के पास तत्काल उपचार के लिए धनराशि उपलब्ध नहीं होती, जिसके कारण इलाज में देरी हो जाती है। ऐसी स्थिति में यह योजना जीवनरक्षक साबित होगी। उन्होंने निजी अस्पतालों से अपील की कि वे योजना के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए दुर्घटना पीड़ितों को बिना किसी देरी के उपचार प्रदान करें।

आईआरएडी जिला प्रभारी श्री निशांत राजपूत ने बैठक के दौरान योजना से संबंधित तकनीकी प्रक्रियाओं की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सड़क दुर्घटना के बाद जब कोई घायल व्यक्ति निजी अस्पताल में भर्ती किया जाएगा, तो अस्पताल को टीएमएस (TMS) पोर्टल के माध्यम से तत्काल पुलिस को दुर्घटना की सूचना दर्ज करनी होगी। सूचना दर्ज होने के बाद संबंधित थाना अथवा पुलिस विभाग अधिकतम 24 घंटे के भीतर यह सत्यापित करेगा कि मामला वास्तव में सड़क दुर्घटना का है या नहीं। सत्यापन के बाद योजना के अंतर्गत उपचार की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।

Meeting held : शीर्षक: सीएमओ सभागार में पीएम राहत कैशलेस योजना पर जागरूकता बैठक आयोजित
Meeting held : शीर्षक: सीएमओ सभागार में पीएम राहत कैशलेस योजना पर जागरूकता बैठक आयोजित

उन्होंने कहा कि डिजिटल प्रणाली अपनाने से पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और तेज होगी। इससे फर्जी मामलों पर रोक लगेगी तथा वास्तविक पीड़ितों को समय पर योजना का लाभ मिल सकेगा। बैठक में उपस्थित अस्पताल प्रतिनिधियों को टीएमएस पोर्टल के उपयोग, ऑनलाइन सूचना दर्ज करने की प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेजों तथा रिपोर्टिंग प्रणाली के बारे में विस्तृत प्रशिक्षण भी दिया गया। प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए अधिकारियों ने विभिन्न व्यावहारिक पहलुओं पर भी चर्चा की।

बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि सड़क दुर्घटना के मामलों में इलाज शुरू करने से पहले पुलिस रिपोर्ट या अन्य औपचारिकताओं की प्रतीक्षा नहीं की जानी चाहिए। सबसे पहले घायल व्यक्ति का उपचार शुरू करना प्राथमिकता होनी चाहिए। इसके बाद निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार पोर्टल पर सूचना दर्ज कर आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी। इससे दुर्घटना पीड़ितों को समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने में किसी प्रकार की बाधा नहीं आएगी।

अधिकारियों ने बताया कि सरकार का उद्देश्य प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं से होने वाली मृत्यु दर को कम करना है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग, पुलिस विभाग, परिवहन विभाग तथा जिला प्रशासन आपसी समन्वय के साथ कार्य कर रहे हैं। पीएम राहत कैशलेस योजना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जो दुर्घटना पीड़ितों को आर्थिक चिंता से मुक्त रखते हुए तत्काल उपचार सुनिश्चित करेगी।

कार्यक्रम में सीएमओ कार्यालय की आयुष्मान भारत टीम से डॉ. ज़हीर तथा राहुल भी उपस्थित रहे। उन्होंने योजना के प्रशासनिक और संचालन संबंधी पहलुओं पर जानकारी साझा करते हुए अस्पतालों को आवश्यक सहयोग का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि योजना के सफल संचालन के लिए सभी निजी अस्पतालों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है और स्वास्थ्य विभाग हर स्तर पर उनका सहयोग करेगा।

बैठक के दौरान अस्पताल प्रतिनिधियों ने भी योजना के संबंध में अपने सुझाव और प्रश्न रखे, जिनका अधिकारियों ने विस्तार से उत्तर दिया। उन्होंने आश्वस्त किया कि योजना के संचालन के दौरान यदि किसी अस्पताल को तकनीकी या प्रशासनिक समस्या आती है, तो संबंधित विभाग द्वारा उसका त्वरित समाधान किया जाएगा।

कार्यक्रम के अंत में अधिकारियों ने सभी निजी अस्पतालों से अपील की कि वे सड़क दुर्घटना के प्रत्येक मामले में मानवीय संवेदनाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दें तथा गोल्डन ऑवर के दौरान मरीजों को तत्काल उपचार उपलब्ध कराएं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि स्वास्थ्य विभाग, पुलिस प्रशासन और निजी अस्पतालों के संयुक्त प्रयास से सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मृत्यु दर को कम करने में महत्वपूर्ण सफलता मिलेगी और अधिक से अधिक लोगों की जान बचाई जा सकेगी।

बैठक में उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया तथा इसे सड़क सुरक्षा और आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

News Editor- (Jyoti Parjapati)

सभी समाचार देखें सिर्फ अनदेखी खबर सबसे पहले सच के सिवा कुछ नहीं ब्यूरो रिपोर्टर :- अनदेखी खबर ।

YouTube Official Channel Link:
https://youtube.com/@atozcrimenews?si=_4uXQacRQ9FrwN7q

YouTube Official Channel Link:
https://www.youtube.com/@AndekhiKhabarNews

Facebook Official Page Link:
https://www.facebook.com/share/1AaUFqCbZ4/

Whatsapp Group Join Link:
https://chat.whatsapp.com/KuOsD1zOkG94Qn5T7Tus5E?mode=r_c

अनदेखी खबर न्यूज़ पेपर भारत का सर्वश्रेष्ठ पेपर और चैनल है न्यूज चैनल राजनीति, मनोरंजन, बॉलीवुड, व्यापार और खेल में नवीनतम समाचारों को शामिल करता है। अनदेखी खबर न्यूज चैनल की लाइव खबरें एवं ब्रेकिंग न्यूज के लिए हमारे चैनल को Subscribe, like, share करे।

आवश्यकता :- विशेष सूचना
(प्रदेश प्रभारी)
(मंडल प्रभारी)
(जिला ब्यूरो प्रमुख)
(जिला संवाददाता)
(जिला क्राइम रिपोर्टर)
(जिला मीडिया प्रभारी जिला)
(विज्ञापन प्रतिनिधि)
(तहसील ब्यूरो)
(प्रमुख तहसील संवाददाता

Check Also

Priority : जिलाधिकारी की अध्यक्षता में शिक्षा विभाग की गहन समीक्षा, निपुण लक्ष्य एवं विद्यालयों में मूलभूत सुविधाओं को प्राथमिकता देने के निर्देश

Priority : जिलाधिकारी की अध्यक्षता में शिक्षा विभाग की गहन समीक्षा, निपुण लक्ष्य एवं विद्यालयों में मूलभूत सुविधाओं को प्राथमिकता देने के निर्देश ?

Priority : जिलाधिकारी की अध्यक्षता में शिक्षा विभाग की गहन समीक्षा, निपुण लक्ष्य एवं विद्यालयों …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *