Tree Plantation :वन स्टॉप सेंटर में विधिक जागरूकता शिविर, महिलाओं को कानूनों की जानकारी देकर किया पौधारोपण

दमोह। मध्य प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार एवं प्रधान जिला न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दमोह सुभाष सोलंकी के कुशल मार्गदर्शन में स्थानीय वन स्टॉप (सखी) सेंटर में विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का उद्देश्य महिलाओं को उनके अधिकारों, कानूनी प्रावधानों और उपलब्ध सहायता योजनाओं के प्रति जागरूक करना था।
कार्यक्रम में विशेष न्यायाधीश पॉक्सो विश्वनाथ शर्मा, जिला विधिक सहायता अधिकारी रजनीश चौरसिया, उपसंचालक महिला एवं बाल विकास मंगलेश सिंह, महिला सशक्तिकरण अधिकारी संजीव मिश्रा, शिवा चौहान, रूपाली नायक, वन स्टॉप सेंटर की प्रशासक आभा मिश्रा सहित बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रहीं।
शिविर को संबोधित करते हुए विशेष न्यायाधीश पॉक्सो विश्वनाथ शर्मा ने महिलाओं को घरेलू हिंसा से संरक्षण के लिए बनाए गए कानूनों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम के अंतर्गत महिलाओं को घर के अंदर होने वाली शारीरिक, मानसिक, मौखिक, भावनात्मक और आर्थिक हिंसा से सुरक्षा प्रदान की जाती है। उन्होंने कहा कि पीड़ित महिला की सहायता के लिए न्यायालय द्वारा विभिन्न प्रकार के आदेश पारित किए जा सकते हैं, जिससे उसे सुरक्षा और न्याय मिल सके।
उन्होंने महिलाओं को घरेलू हिंसा, एसिड अटैक जैसे गंभीर अपराधों और अपराध पीड़ित प्रतिकर योजना के संबंध में भी विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि किसी भी महिला को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहना चाहिए और किसी भी प्रकार की हिंसा या उत्पीड़न की स्थिति में तुरंत कानूनी सहायता लेनी चाहिए।
जिला विधिक सहायता अधिकारी रजनीश चौरसिया ने निःशुल्क विधिक सहायता योजना के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि यदि कोई महिला न्यायालय में अपना प्रकरण प्रस्तुत करना चाहती है और वह अधिवक्ता नियुक्त करने में सक्षम नहीं है, तो वह जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में आवेदन कर निःशुल्क अधिवक्ता प्राप्त कर सकती है।

उन्होंने मीडिएशन प्रक्रिया के महत्व के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कई मामलों का समाधान आपसी सहमति और बातचीत के माध्यम से भी किया जा सकता है। इसके साथ ही उन्होंने निःशुल्क विधिक सहायता हेल्पलाइन नंबर 15100 के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि जरूरत पड़ने पर महिलाएं इस नंबर के माध्यम से कानूनी सहायता प्राप्त कर सकती हैं।
शिविर के दौरान उपस्थित महिलाओं से संवाद कर उनकी समस्याओं को सुना गया और उन्हें आवश्यक कानूनी सलाह एवं मार्गदर्शन प्रदान किया गया। अधिकारियों ने महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने और किसी भी परेशानी की स्थिति में बिना झिझक सहायता लेने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में महिला सुरक्षा, कानूनी अधिकार और सरकारी सहायता योजनाओं से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की गईं। महिलाओं ने भी अधिकारियों से विभिन्न विषयों पर चर्चा की और अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया।
विधिक जागरूकता शिविर के समापन के बाद वन स्टॉप सेंटर परिसर में पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। अधिकारियों और उपस्थित सदस्यों ने फलदार पौधों का रोपण किया। इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए सभी से अधिक से अधिक पौधे लगाने की अपील की गई।
कार्यक्रम ने महिलाओं को कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। वन स्टॉप सेंटर में आयोजित यह पहल महिलाओं के सशक्तिकरण और समाज में कानूनी जागरूकता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हुई।
