Complete travel information : PM मोदी का इज़रायल दौरा: दो दिवसीय यात्रा की पूरी जानकारी ?

Complete travel information : PM मोदी का इज़रायल दौरा: दो दिवसीय यात्रा की पूरी जानकारी

Complete travel information : PM मोदी का इज़रायल दौरा: दो दिवसीय यात्रा की पूरी जानकारी
Complete travel information : PM मोदी का इज़रायल दौरा: दो दिवसीय यात्रा की पूरी जानकारी

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल दो दिवसीय औपचारिक दौरे पर इज़रायल पहुँचेंगे। यह दौरा भारत और इज़रायल के बीच बढ़ती कूटनीतिक और आर्थिक साझेदारी को और मजबूत करने के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। PM मोदी की यह यात्रा कई ऐतिहासिक पहलुओं के लिए भी यादगार होगी, क्योंकि वे इज़रायल की संसद, नेसेट (Knesset) के प्लेनम को संबोधित करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री होंगे।

यात्रा का समय और कार्यक्रम

PM मोदी कल शाम 4:15 बजे इज़रायल के लिए रवाना होंगे। उनका आगमन सीधे बेन गुरियन इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर होगा। एयरपोर्ट पर उनका स्वागत इज़रायल के प्रधानमंत्री द्वारा किया जाएगा। दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों के बीच यह औपचारिक मुलाकात द्विपक्षीय रिश्तों को और अधिक मजबूती देने का संकेत माने जा रहे हैं।

मुलाकात के दौरान व्यापार, तकनीकी सहयोग, सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय मामलों पर चर्चा होने की संभावना है। भारतीय मीडिया सूत्रों के अनुसार, यह बातचीत विशेष रूप से विज्ञान, प्रौद्योगिकी, और रक्षा क्षेत्रों में साझेदारी पर केंद्रित रहेगी।

नेसेट में वेलकम सेरेमनी

PM मोदी की इज़रायल यात्रा का एक महत्वपूर्ण आकर्षण रात 8 बजे नेसेट में आयोजित वेलकम सेरेमनी है। इस समारोह में दोनों देशों के उच्च अधिकारियों, सांसदों और महत्वपूर्ण हस्तियों की उपस्थिति रहेगी। वेलकम सेरेमनी का आयोजन पारंपरिक इज़रायली स्वागत शैली के अनुसार किया जाएगा, जिसमें सांस्कृतिक कार्यक्रम और संगीत का विशेष महत्व होगा।

सेरेमनी के दौरान PM मोदी को फूलों से स्वागत किया जाएगा और उन्हें इज़रायल की संसद का सम्मानित अतिथि बताया जाएगा। इस अवसर पर इज़रायल की संसद नेसेट की ओर से PM मोदी को संबोधित करने का आमंत्रण दिया गया है, जो कि उनके लिए एक ऐतिहासिक पल साबित होगा।

नेसेट प्लेनम को संबोधित करना

PM मोदी नेसेट के प्लेनम को संबोधित करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री होंगे। यह उनके और भारत के लिए कूटनीतिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ है। इस भाषण में वे भारत और इज़रायल के बीच संबंधों के व्यापक आयामों को उजागर करेंगे। इसमें विशेष रूप से विज्ञान और प्रौद्योगिकी, रक्षा सहयोग, ऊर्जा सुरक्षा, और कृषि विकास में सहयोग को लेकर योजनाएं साझा की जाएंगी।

विशेषज्ञों के अनुसार, यह भाषण दोनों देशों के बीच विश्वास और रणनीतिक साझेदारी को और बढ़ावा देगा। इसके अलावा, PM मोदी के संबोधन में यह संदेश भी होगा कि भारत मध्य पूर्व में शांति और स्थिरता के लिए इज़रायल के साथ मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध है।

भारत-इज़रायल संबंधों का ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य

भारत और इज़रायल के बीच कूटनीतिक संबंध 1992 में स्थापित हुए थे। उसके बाद से दोनों देशों ने अनेक क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा दिया है। खासकर, सुरक्षा और खुफिया सहयोग, कृषि विज्ञान और जल प्रबंधन में साझेदारी ने दोनों देशों के बीच विश्वास को और मजबूत किया है।

PM मोदी की यह यात्रा इसी सहयोग को और ऊँचाई देने का प्रयास मानी जा रही है। पिछले कुछ वर्षों में भारत और इज़रायल ने रक्षा, अंतरिक्ष और एआई जैसी अत्याधुनिक तकनीकों में भी सहयोग बढ़ाया है। इस दौरे के दौरान दोहरे समझौते और नई पहल की घोषणाओं की संभावना है, जो भविष्य में दोनों देशों के बीच आर्थिक और तकनीकी संबंधों को नई दिशा देंगे।

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यात्रा के अपेक्षित लाभ

विशेषज्ञों का मानना है कि PM मोदी का इज़रायल दौरा कई मायनों में लाभकारी होगा। इसमें प्रमुख लाभों में शामिल हैं:

  1. राजनीतिक सहयोग में वृद्धि: दोनों देशों के बीच राजनीतिक और कूटनीतिक संबंध मजबूत होंगे।

  2. वाणिज्यिक अवसरों का विस्तार: व्यापार और निवेश के नए अवसर पैदा होंगे।

  3. तकनीकी और रक्षा सहयोग: विज्ञान, प्रौद्योगिकी और रक्षा के क्षेत्रों में नई परियोजनाओं की शुरुआत हो सकती है।

  4. संस्कृति और शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग: सांस्कृतिक और शैक्षिक आदान-प्रदान को बढ़ावा मिलेगा।

PM मोदी के दौरे का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि यह भारत की विदेश नीति में मध्य पूर्व के देशों के साथ मजबूत सहयोग को दर्शाता है।

यात्रा का प्रतीकात्मक महत्व

PM मोदी की यह यात्रा केवल कूटनीतिक दौरा नहीं है, बल्कि यह दोनों देशों की जनता के बीच मित्रता और साझेदारी को भी प्रदर्शित करती है। नेसेट में भाषण के दौरान उनका संदेश यह होगा कि भारत और इज़रायल एक-दूसरे के विकास और शांति प्रयासों में साझेदार हैं।

विशेष रूप से, यह दौरा भारत के लिए तकनीकी और कृषि सहयोग के नए मार्ग खोल सकता है। इज़रायल में कृषि और जल प्रबंधन के क्षेत्र में अत्याधुनिक तकनीक का प्रयोग भारत में भी किया जा सकता है, जिससे ग्रामीण विकास और खाद्य सुरक्षा में मदद मिलेगी।

निष्कर्ष

कुल मिलाकर, PM मोदी का यह इज़रायल दौरा ऐतिहासिक, कूटनीतिक और रणनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। दो दिन की यह यात्रा भारत-इज़रायल संबंधों को नई ऊँचाई पर ले जाने में निर्णायक भूमिका निभाएगी। PM मोदी का नेसेट प्लेनम को संबोधित करना न केवल भारत के लिए गौरव का क्षण है, बल्कि यह दोनों देशों के बीच मजबूत और स्थायी सहयोग की दिशा में एक बड़ा कदम भी साबित होगा।

इस दौरे के परिणामस्वरूप दोनों देशों के बीच आर्थिक, तकनीकी और राजनीतिक सहयोग में वृद्धि की संभावना है, और यह दौरा भारत की विदेश नीति और वैश्विक मंच पर उसकी भूमिका को और सुदृढ़ करेगा।

News Editor- (Jyoti Parjapati)

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