License Revoked : अनियमितताओं पर कड़ा प्रहार, कलेक्टर ने शराब दुकान का लाइसेंस निरस्त किया तत्काल

दमोह। जनहित से जुड़े मामलों को प्राथमिकता देते हुए जिला प्रशासन ने शराब विक्रय में अनियमितताओं के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। लगातार मिल रही जन शिकायतों, निरीक्षण के दौरान सामने आई गंभीर खामियों तथा नियमों के उल्लंघन के आरोपों के आधार पर कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने दमोह स्थित देशी-अंग्रेजी कम्पोजिट शराब दुकान “दमोह डी” का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है। प्रशासन की इस कार्रवाई को जिले में कानून व्यवस्था और पारदर्शिता बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने स्पष्ट कहा है कि कानून और शासन के नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति या संस्था को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रशासन का दायित्व केवल नियम बनाना नहीं, बल्कि उनका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना भी है। यदि कोई व्यक्ति या व्यवसायिक प्रतिष्ठान नियमों की अनदेखी करता है और आमजन के हितों को प्रभावित करता है, तो उसके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
जानकारी के अनुसार जिला प्रशासन को पिछले कुछ समय से संबंधित शराब दुकान के खिलाफ लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही थीं। शिकायतों में अवैध रूप से शराब विक्रय करने, निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत वसूलने, नियमों के विपरीत संचालन तथा अन्य कई अनियमितताओं के आरोप लगाए गए थे। ग्रामीण क्षेत्रों और शहरी इलाकों से भी बड़ी संख्या में लोगों ने प्रशासन को शिकायतें भेजकर कार्रवाई की मांग की थी।
कलेक्टर श्री यादव ने बताया कि शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को जांच और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। हालांकि प्रारंभिक जांचों से अपेक्षित और संतोषजनक परिणाम प्राप्त नहीं हुए। इसके बाद उन्होंने स्वयं मामले का संज्ञान लेते हुए संबंधित शराब दुकान का निरीक्षण करने का निर्णय लिया।
निरीक्षण के दौरान कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। प्रशासनिक जांच में पाया गया कि जिस स्थान के लिए दुकान को लाइसेंस जारी किया गया था, वहां दुकान संचालित नहीं की जा रही थी। इसके विपरीत दुकान का संचालन किसी अन्य स्थान से किया जा रहा था, जिसके लिए कोई वैध अनुमति या लाइसेंस उपलब्ध नहीं था। यह स्थिति आबकारी नियमों और शासन के दिशा-निर्देशों का स्पष्ट उल्लंघन मानी गई।
कलेक्टर ने बताया कि जांच के दौरान यह भी पाया गया कि ग्राहकों से निर्धारित दरों से अधिक मूल्य वसूला जा रहा था। शराब की बिक्री शासन द्वारा निर्धारित मूल्य सूची के अनुसार की जानी चाहिए, लेकिन निरीक्षण में मूल्य संबंधी गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। इससे उपभोक्ताओं के आर्थिक हित प्रभावित हो रहे थे और शासन की नीतियों का उल्लंघन हो रहा था।
इसके अतिरिक्त दुकान पर लगाया गया साइन बोर्ड भी निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया। निरीक्षण के समय आवश्यक अभिलेख, दस्तावेज और लाइसेंस संबंधी रिकॉर्ड भी व्यवस्थित रूप से उपलब्ध नहीं थे। प्रशासनिक अधिकारियों ने इसे गंभीर लापरवाही और नियमों की अवहेलना माना। इन सभी तथ्यों के आधार पर जिला प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से शराब दुकान का लाइसेंस निरस्त करने का निर्णय लिया।

कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने कहा कि प्रशासन की यह कार्रवाई केवल एक दुकान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे जिले के लिए एक स्पष्ट संदेश है कि नियमों के उल्लंघन को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आमजन का प्रशासन पर विश्वास बनाए रखना उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसी उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है।
उन्होंने जिले के सभी अनुज्ञप्तिधारियों, व्यवसायियों और लाइसेंस धारकों को चेतावनी देते हुए कहा कि शासन द्वारा निर्धारित नियमों और शर्तों का पूर्णतः पालन किया जाए। प्रशासन किसी भी समय निरीक्षण कर सकता है और यदि किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है तो कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सभी को पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करना चाहिए।
कलेक्टर ने यह भी बताया कि गांव-गांव से अवैध शराब बिक्री और निर्धारित मूल्य से अधिक राशि वसूलने की शिकायतें लगातार प्राप्त हो रही हैं। कई स्थानों पर शराब की अवैध बिक्री के कारण सामाजिक समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। प्रशासन इन शिकायतों को गंभीरता से लेकर लगातार निगरानी और कार्रवाई कर रहा है।
उन्होंने कहा कि युवाओं को सुरक्षित, सकारात्मक और स्वस्थ वातावरण प्रदान करना प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। अवैध शराब बिक्री और नियमों के विपरीत संचालन से समाज पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है, विशेष रूप से युवा वर्ग प्रभावित होता है। इसी कारण प्रशासन समाजहित को ध्यान में रखते हुए ऐसे मामलों में सख्त रुख अपना रहा है।
प्रशासन की इस कार्रवाई को जिले के नागरिकों ने भी सकारात्मक कदम बताया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से शराब दुकानों से संबंधित विभिन्न शिकायतें सामने आ रही थीं और अब प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाई से लोगों का विश्वास मजबूत हुआ है। नागरिकों ने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी इसी प्रकार निष्पक्ष और प्रभावी कार्रवाई जारी रहेगी।
आबकारी विभाग और जिला प्रशासन द्वारा आगे भी विशेष निरीक्षण अभियान चलाए जाने की संभावना है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे नियमित रूप से दुकानों की जांच करें और नियमों के उल्लंघन की स्थिति में तत्काल कार्रवाई करें। साथ ही आम नागरिकों से भी अपील की गई है कि यदि कहीं अवैध शराब बिक्री, अधिक मूल्य वसूली या अन्य अनियमितता दिखाई दे तो उसकी सूचना प्रशासन को दें।
विशेषज्ञों का मानना है कि प्रशासनिक सख्ती और जनसहभागिता के माध्यम से ही अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण संभव है। जब प्रशासन शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करता है तो इससे न केवल नियमों का पालन सुनिश्चित होता है, बल्कि समाज में कानून के प्रति सम्मान भी बढ़ता है।
दमोह जिला प्रशासन की यह कार्रवाई यह संदेश देती है कि शासन की नीतियों और नियमों का पालन सभी के लिए अनिवार्य है। जनहित, पारदर्शिता और कानून व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रशासन भविष्य में भी इसी प्रकार की कार्रवाई जारी रखेगा। कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने स्पष्ट कर दिया है कि नियमों से समझौता नहीं किया जाएगा और कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
News Editor- (Jyoti Parjapati)
सभी समाचार देखें सिर्फ अनदेखी खबर सबसे पहले सच के सिवा कुछ नहीं ब्यूरो रिपोर्टर :- अनदेखी खबर ।
YouTube Official Channel Link:
https://youtube.com/@atozcrimenews?si=_4uXQacRQ9FrwN7q
YouTube Official Channel Link:
https://www.youtube.com/@AndekhiKhabarNews
Facebook Official Page Link:
https://www.facebook.com/share/1AaUFqCbZ4/
Whatsapp Group Join Link:
https://chat.whatsapp.com/KuOsD1zOkG94Qn5T7Tus5E?mode=r_c
अनदेखी खबर न्यूज़ पेपर भारत का सर्वश्रेष्ठ पेपर और चैनल है न्यूज चैनल राजनीति, मनोरंजन, बॉलीवुड, व्यापार और खेल में नवीनतम समाचारों को शामिल करता है। अनदेखी खबर न्यूज चैनल की लाइव खबरें एवं ब्रेकिंग न्यूज के लिए हमारे चैनल को Subscribe, like, share करे।
आवश्यकता :- विशेष सूचना
(प्रदेश प्रभारी)
(मंडल प्रभारी)
(जिला ब्यूरो प्रमुख)
(जिला संवाददाता)
(जिला क्राइम रिपोर्टर)
(जिला मीडिया प्रभारी जिला)
(विज्ञापन प्रतिनिधि)
(तहसील ब्यूरो)
(प्रमुख तहसील संवाददाता