Illegal extortion : मेरठ में वाहन चालकों से अवैध वसूली और कागजों के नाम पर परेशान करने के आरोप

मेरठ में अन्य जनपदों से आने जाने वाली बाइके व कारों का नम्बर देखकर,
उनको भारी भरकम चालान का भय दिखाकर खूब करते अवैध कमाई..! आज मेरठ में बीएससी इंट्रेंस व अन्य पेपर होने गैर जनपदों से आने वाले वाहन स्वामियो को किया गया कागजों के नाम परेशान पैसे मिलने के बाद सारे यातायात के नियम हवा हवाई..!!
मेरठ जैसे जिले में अक्सर देखा जाता हैं कि किसी अन्य जनपद से आने जाने वाहनों के नम्बर देखकर उनको रोककर कुछ ट्रैफिक पुलिस वाले वाहन चेकिंग के नाम पर लोगों से मनमाने तरीके से वसूली कर रही है!कभी गाड़ी के कागजात तो कभी हेलमेट न पहनने की वजह या सीटबेल्ट ना लगाने तथा कागजात पूरा ना होने पर वाहन जब्घ्ती या भारी भरकम चालान की कार्रवाई का डर दिखाकर जमकर अवैध वसूली करते है!क्योंकि कुछ ट्रैफिक पुलिस वाले बखुबी जानते हैं कि यह वाहन स्वामी अन्य जनपद से आते हैं और इनके पास कोई सिफारिश तक नही होती बल्कि यह भी ट्रेफिक पुलिस को जानकारी होती हैं कि इनके पास इतना समय ही नही हैं कि यह किसी अधिकारी से शिकायत ही कर सकें तथा यह नोएडा हो या गाजियाबाद या मेरठ यह कुछ ट्रेफिक पुलिस वाले गाजियाबाद से मेरठ व मुज़फ्फरनगर वाली नहर की पटरी व मेरठ अलग अलग चौराहों पर व ऐसे चौराहो व तिराहों पर खड़े होकर चेकिंग अभियान चलाकर वाहन स्वामियों को रोककर उनसे चेकिंग के नाम पर अवैध वसूली करने से बाज नही आते हैं!और पैसे मिलने के बाद सारे यातायात के नियम हवा हवाई होकर बिना चालान किए ही छोड़ दिया जाता है!मेरठ जिले में वाहनों की चेकिंग के नाम पर ट्रेफिक पुलिस धड़ल्ले से अपनी जेब गर्म करने में जुटी हुई है!वाहन चालकों को ट्रैफिक नियम कायदों का पाठ पढ़ाने वाली ट्रैफिक पुलिस की अवैध वसूली का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा!अन्य जिलों से आने जाने वाले वाहन स्वामियों की चेकिंग और ट्रैफिक नियमों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के लिए खड़ी ट्रैफिक पुलिस की अवैध वसूली अभी भी बदस्तूर जारी है!

ट्रैफिक एसआई से लेकर हेडकांस्टेबल और कांस्टेबल व ट्रैफिक होमगार्ड तक
चेकिंग प्वाइंट पर खड़े होकर सुबह से ही दुपहिया वाहनों और चौपहिया वाहनों को चेक करने में जुट जाते हैं।दुपहिया वाहन चालकों को हेलमेट न लगाने और वाहनो के पूरे कागजात न होने तथा नंबर प्लेट पर आढ़े तिरछे नंबर लिखे जाने या तीन सवारी या हेलमेट व कार की सीटबेल्ट न लगने पर ट्रैफिक पुलिस के होमगार्ड उन्हें बीच सड़क पर आगे आकर हाथ देकर रोक लेते हैं। कांस्टेबल या टीएसआई वाहन चालक से कागजात से लेकर ट्रैफिक नियमों की अवहेलना का हवाला देकर उनका एक हजार रुपये से लेकर दस हजार रुपये तक का चालान करने की चेतावनी देता है और बस यहीं से शुरु हो जाता है अवैध वसूली का असली खेल!वाहन चालक पर ट्रैफिक पुलिस जिस तरह का चालान करने के लिए कहती है उसी तरह के चालान की एवज में उससे अवैध वसूली के रुप में रकम वसूली जाती है! रुपये लेते वक्त होमगार्ड या ट्रैफिक पुलिस हाथ पीछे कमर की ओर ले जाते हैं और बंद मुट्ठी में नोट थाम लेते हैं या किसी अन्य खड़े हुए ठेले व किसी दुकान पर देने को कहते हैं! उसके बाद वाहन चालक आराम से अपने वाहन पर बैठकर निकल जाता है। यह अवैध वसूली का खेल एक चेकिंग प्वाइंट पर नहीं खेला जाता बल्कि सभी पॉइंट पर खेला जाता हैं!यह खेल ट्रैफिक पुलिस शहरों के अलग अलग क्षेत्रों में हर रोज नये प्वाइंट बनाकर शुरु करती है। चेकिंग के नाम पर ट्रैफिक पुलिस सैंकड़ों लोगों से रोज अवैध वसूली करती है। यही वजह है कि लोगों की जुबान पर एक ही बात रहती है कि ट्रैफिक पुलिस ने पकड़ लिया था। लेकिन रुपया लेकर छोड़ दिया!पुलिस अफसर वाहन चालकों से अवैध वसूली के नाम पर चुप्पी साध लेते हैं! या ये कहते नजर आते हैं कि ऐसा कुछ नहीं हो रहा है। अगर ऐसा हो रहा है तो पीड़ित हमें सूचित करे।
News Editor- (Jyoti Parjapati)
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