Complainant Distressed : जौनपुर के सुजानगंज थाने में पेयजल संकट, बंद पड़े प्याऊ से फरियादी परेशान

जौनपुर जिले के मछलीशहर क्षेत्र अंतर्गत सुजानगंज थाने में इन दिनों मूलभूत सुविधाओं की भारी कमी देखने को मिल रही है। भीषण गर्मी और लगभग 45 डिग्री सेल्सियस तापमान के बीच थाने में पेयजल व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है। आम जनता और फरियादियों की सुविधा के लिए लगाए गए तीनों प्याऊ लंबे समय से बंद पड़े हैं, जिससे यहां आने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
थाना परिसर जैसे सार्वजनिक और महत्वपूर्ण स्थान पर पेयजल जैसी बुनियादी सुविधा का अभाव प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है। आमतौर पर थानों में रोजाना बड़ी संख्या में लोग अपनी शिकायतें लेकर आते हैं, लेकिन यहां स्थिति यह है कि घंटों इंतजार करने के बावजूद उन्हें पीने का पानी तक उपलब्ध नहीं हो पा रहा है।
भीषण गर्मी में बढ़ी परेशानी
इन दिनों जौनपुर और आसपास के क्षेत्रों में भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है। तापमान 40 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है, जिससे लोगों का बाहर निकलना भी मुश्किल हो गया है। ऐसे समय में थाने में आने वाले फरियादियों के लिए पानी जैसी मूलभूत सुविधा का न होना उनकी परेशानी को और बढ़ा रहा है।
लोगों का कहना है कि जब वे अपनी समस्याओं के समाधान के लिए थाने पहुंचते हैं, तो उन्हें पहले से ही तनाव और चिंता का सामना करना पड़ता है, और ऊपर से पीने के पानी की व्यवस्था न होना स्थिति को और कठिन बना देता है।
तीनों प्याऊ बने शोपीस
सुजानगंज थाना परिसर में आम जनता की सुविधा के लिए तीन प्याऊ लगाए गए थे, जिनका उद्देश्य यह था कि थाने आने वाले लोगों को स्वच्छ पेयजल मिल सके। लेकिन वर्तमान में ये तीनों प्याऊ पूरी तरह बंद पड़े हैं और इनमें पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि ये प्याऊ केवल दिखावे के लिए रह गए हैं और धरातल पर इनका कोई उपयोग नहीं हो रहा है। कई बार शिकायत के बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
फरियादियों की व्यथा
थाने में अपनी शिकायत लेकर आई गायत्री देवी ने बताया कि वह काफी देर से परिसर में मौजूद थीं, लेकिन उन्हें कहीं भी पीने का पानी नहीं मिला। मजबूरी में उन्हें बाहर जाकर बोतलबंद पानी खरीदना पड़ा। उन्होंने कहा कि एक सरकारी थाने में इतनी बुनियादी सुविधा का अभाव समझ से परे है।
वहीं पत्रकार नेहा पटेल ने भी इस स्थिति पर चिंता जताई। उन्होंने बताया कि थाने में तीन-तीन प्याऊ लगे होने के बावजूद किसी भी प्याऊ से पानी उपलब्ध नहीं हो रहा है। इससे आम जनता को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है और यह व्यवस्था की लापरवाही को दर्शाता है।

प्रशासनिक लापरवाही पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों और फरियादियों का कहना है कि यह स्थिति प्रशासनिक लापरवाही का स्पष्ट उदाहरण है। थाने जैसे स्थान पर, जहां हर दिन सैकड़ों लोग आते हैं, वहां पेयजल की उचित व्यवस्था न होना गंभीर मुद्दा है।
लोगों का कहना है कि यदि थाने में ही मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं होंगी, तो आम जनता का विश्वास व्यवस्था पर कैसे कायम रहेगा। इस प्रकार की लापरवाही से जनता में असंतोष बढ़ रहा है।
गर्मी में स्वास्थ्य जोखिम भी बढ़ा
भीषण गर्मी में पानी की कमी केवल असुविधा ही नहीं बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी खतरा बन सकती है। लगातार गर्मी के संपर्क में रहने और पानी की कमी से डिहाइड्रेशन, चक्कर आना और कमजोरी जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
थाने में लंबे समय तक इंतजार करने वाले फरियादियों और उनके साथ आने वाले लोगों के लिए यह स्थिति और भी खतरनाक साबित हो सकती है। खासकर बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों के लिए यह समस्या अधिक गंभीर है।
जनता की मांग और अपेक्षाएं
स्थानीय लोगों ने संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि बंद पड़े प्याऊ को तुरंत प्रभाव से चालू कराया जाए। साथ ही थाने में नियमित रूप से स्वच्छ और ठंडे पानी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
लोगों का कहना है कि यह कोई बड़ी तकनीकी समस्या नहीं है, बल्कि प्रशासनिक इच्छाशक्ति की कमी का परिणाम है। यदि समय रहते ध्यान दिया जाए तो स्थिति को तुरंत सुधारा जा सकता है।
सरकारी दावों और जमीनी हकीकत में अंतर
सरकारी स्तर पर अक्सर यह दावा किया जाता है कि सभी थानों और सार्वजनिक स्थानों पर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। लेकिन सुजानगंज थाने की यह स्थिति उन दावों पर सवाल खड़े करती है।
जमीनी हकीकत यह है कि कई स्थानों पर योजनाएं केवल कागजों तक सीमित रह जाती हैं, जबकि वास्तविकता में आम जनता को उनका लाभ नहीं मिल पाता।
समाधान की आवश्यकता
इस समस्या का समाधान तुरंत और प्रभावी तरीके से किया जाना आवश्यक है। थाने में जल आपूर्ति व्यवस्था की मरम्मत, नियमित रखरखाव और जिम्मेदारी तय करना जरूरी है।
साथ ही यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो। इसके लिए प्रशासनिक निगरानी और नियमित निरीक्षण की व्यवस्था भी आवश्यक है।
निष्कर्ष
सुजानगंज थाना परिसर में पेयजल व्यवस्था का ध्वस्त होना न केवल एक प्रशासनिक कमी है, बल्कि यह आम जनता की बुनियादी जरूरतों की अनदेखी को भी दर्शाता है। भीषण गर्मी में फरियादियों को पानी जैसी मूलभूत सुविधा न मिलना व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
अब आवश्यकता इस बात की है कि संबंधित विभाग तुरंत कार्रवाई करे और बंद पड़े प्याऊ को चालू कर लोगों को राहत प्रदान करे। तभी जनता का विश्वास प्रशासन पर कायम रह सकेगा और ऐसी समस्याओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सकेगी।
News Editor- (Jyoti Parjapati)
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