Initiative for Change : जल, पर्यावरण और जीवन रक्षा के प्रति जागरूकता से ग्रामीण समाज में सकारात्मक बदलाव की पहल ?

Initiative for Change : जल, पर्यावरण और जीवन रक्षा के प्रति जागरूकता से ग्रामीण समाज में सकारात्मक बदलाव की पहल

Initiative for Change : जल, पर्यावरण और जीवन रक्षा के प्रति जागरूकता से ग्रामीण समाज में सकारात्मक बदलाव की पहल
Initiative for Change : जल, पर्यावरण और जीवन रक्षा के प्रति जागरूकता से ग्रामीण समाज में सकारात्मक बदलाव की पहल

दिनांक 18 अप्रैल 2026 को प्रातः 9 बजे एक महत्वपूर्ण जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी, आरोग्य भारती के तत्वावधान तथा डॉ सत्यनारायण सेवा फाउंडेशन के संयोजन में किया गया। इस कार्यक्रम का नेतृत्व डॉ अनुराग श्रीवास्तव ने किया, जो चेयरमैन फतेहपुर, कार्यकारिणी सदस्य इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी उत्तर प्रदेश तथा आरोग्य भारती कानपुर प्रांत के पर्यावरण प्रमुख एवं जिला सचिव के रूप में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

यह जागरूकता अभियान आनंद बिहारी मेमोरियल इंटर कॉलेज, बनरसी में आयोजित किया गया, जिसमें विद्यालय के छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और स्थानीय ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज को जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण और आपातकालीन जीवन रक्षक तकनीकों के प्रति जागरूक करना था।

कार्यक्रम की शुरुआत जल संरक्षण के विषय से हुई। डॉ अनुराग श्रीवास्तव ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए बताया कि वर्तमान समय में जल संकट एक गंभीर समस्या बनती जा रही है और इसे रोकने के लिए हर व्यक्ति को अपनी भूमिका निभानी होगी। उन्होंने “वॉटर बेल” लगाने की अवधारणा समझाई, जिसके माध्यम से समय-समय पर पानी के उपयोग के प्रति सजग रहा जा सकता है। उन्होंने बच्चों से अपील की कि वे अपने घरों और गांव में लोगों को यह समझाएं कि पानी का अनावश्यक उपयोग न करें।

विशेष रूप से उन्होंने ग्रामीणों को यह संदेश देने के लिए प्रेरित किया कि जानवरों को अनावश्यक रूप से नहलाने, सड़कों पर पानी बहाने या अन्य गैर-जरूरी कार्यों में पानी की बर्बादी से बचा जाए। उन्होंने यह भी बताया कि छोटी-छोटी सावधानियां अपनाकर हम भविष्य के लिए जल बचा सकते हैं।

इसके साथ ही डॉ अनुराग ने आरओ (रिवर्स ऑस्मोसिस) से निकलने वाले व्यर्थ पानी के पुनः उपयोग पर भी जोर दिया। उन्होंने बताया कि इस पानी को इकट्ठा करके पौधों की सिंचाई, सफाई और अन्य घरेलू कार्यों में इस्तेमाल किया जा सकता है। इस तरह हम जल की बर्बादी को काफी हद तक रोक सकते हैं।

कार्यक्रम का दूसरा महत्वपूर्ण भाग पर्यावरण संरक्षण से संबंधित था। “पॉलीथिन हटाओ, इकोब्रिक्स बनाओ” अभियान के तहत डॉ अनुराग ने बच्चों को इकोब्रिक्स बनाने की प्रक्रिया समझाई। उन्होंने बताया कि प्लास्टिक और पॉलीथिन को फेंकने के बजाय खाली प्लास्टिक की बोतलों में भरकर इकोब्रिक्स तैयार किए जा सकते हैं। इन इकोब्रिक्स का उपयोग निर्माण कार्यों या अन्य रचनात्मक कार्यों में किया जा सकता है।

इस पहल का मुख्य उद्देश्य प्लास्टिक कचरे को भूमि में जाने से रोकना है, जिससे पर्यावरण को होने वाले नुकसान को कम किया जा सके। बच्चों ने इस प्रक्रिया को बड़े उत्साह के साथ सीखा और इसे अपने दैनिक जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।

Initiative for Change : जल, पर्यावरण और जीवन रक्षा के प्रति जागरूकता से ग्रामीण समाज में सकारात्मक बदलाव की पहल
Initiative for Change : जल, पर्यावरण और जीवन रक्षा के प्रति जागरूकता से ग्रामीण समाज में सकारात्मक बदलाव की पहल

कार्यक्रम का सबसे प्रभावशाली हिस्सा सीपीआर (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) प्रशिक्षण रहा। डॉ अनुराग श्रीवास्तव ने विद्यार्थियों और शिक्षकों को व्यावहारिक रूप से सीपीआर की तकनीक सिखाई। उन्होंने बताया कि आपात स्थिति में जब किसी व्यक्ति की सांस या दिल की धड़कन रुक जाती है, तब सीपीआर के माध्यम से उसकी जान बचाई जा सकती है।

उन्होंने समझाया कि 1 वर्ष से अधिक उम्र के व्यक्ति को 30 बार छाती पर दबाव और 2 बार मुंह से सांस दी जाती है, जबकि 1 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए 15 बार दबाव और 2 बार सांस देना चाहिए। यह प्रक्रिया तब तक जारी रखनी चाहिए जब तक व्यक्ति को अस्पताल नहीं पहुंचाया जाता।

इस प्रशिक्षण ने विद्यार्थियों को न केवल एक नई जीवन रक्षक तकनीक सिखाई, बल्कि उनमें आत्मविश्वास भी बढ़ाया कि वे आपातकालीन परिस्थितियों में किसी की मदद कर सकते हैं। इस तरह के प्रशिक्षण समाज में जागरूक और जिम्मेदार नागरिक तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों द्वारा बनरसी गांव में एक जागरूकता रैली निकाली गई। इस रैली में बच्चों ने “पानी बचाओ, जीवन बचाओ” और “जल है तो कल है” जैसे प्रेरणादायक नारे लगाए। रैली का उद्देश्य गांव के हर व्यक्ति तक जल और पर्यावरण संरक्षण का संदेश पहुंचाना था।

इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य जितेंद्र कुमार शुक्ला, शिक्षक राघवेंद्र, कृष्णचंद्र पाल, शिवानी तिवारी, सौम्या मिश्रा सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। साथ ही सुरेश कुमार श्रीवास्तव, जो इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी के सदस्यता प्रमुख हैं, ने भी कार्यक्रम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

यह कार्यक्रम न केवल एक शैक्षिक पहल थी, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन की दिशा में एक ठोस कदम भी था। जल संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा जैसे मुद्दे आज वैश्विक स्तर पर चिंता का विषय हैं, और इनके समाधान के लिए स्थानीय स्तर पर इस प्रकार के प्रयास अत्यंत आवश्यक हैं।

अंततः यह कहा जा सकता है कि इस जागरूकता अभियान ने बच्चों और ग्रामीणों में नई सोच और जिम्मेदारी की भावना विकसित की। यदि ऐसे प्रयास निरंतर जारी रहे, तो निश्चित रूप से आने वाले समय में समाज में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेंगे और एक सुरक्षित, स्वच्छ एवं संतुलित पर्यावरण का निर्माण संभव हो सकेगा।

News Editor- (Jyoti Parjapati)

सभी समाचार देखें सिर्फ अनदेखी खबर सबसे पहले सच के सिवा कुछ नहीं ब्यूरो रिपोर्टर :- अनदेखी खबर ।

YouTube Official Channel Link:
https://youtube.com/@atozcrimenews?si=_4uXQacRQ9FrwN7q

YouTube Official Channel Link:
https://www.youtube.com/@AndekhiKhabarNews

Facebook Official Page Link:
https://www.facebook.com/share/1AaUFqCbZ4/

Whatsapp Group Join Link:
https://chat.whatsapp.com/KuOsD1zOkG94Qn5T7Tus5E?mode=r_c

अनदेखी खबर न्यूज़ पेपर भारत का सर्वश्रेष्ठ पेपर और चैनल है न्यूज चैनल राजनीति, मनोरंजन, बॉलीवुड, व्यापार और खेल में नवीनतम समाचारों को शामिल करता है। अनदेखी खबर न्यूज चैनल की लाइव खबरें एवं ब्रेकिंग न्यूज के लिए हमारे चैनल को Subscribe, like, share करे।

आवश्यकता :- विशेष सूचना
(प्रदेश प्रभारी)
(मंडल प्रभारी)
(जिला ब्यूरो प्रमुख)
(जिला संवाददाता)
(जिला क्राइम रिपोर्टर)
(जिला मीडिया प्रभारी जिला)
(विज्ञापन प्रतिनिधि)
(तहसील ब्यूरो)
(प्रमुख तहसील संवाददाता

Check Also

Program Concluded : हापुड़ में पोषण पखवाड़ा के तहत गोदभराई, अन्नप्राशन, किट वितरण और वृक्षारोपण कार्यक्रम संपन्न

Program Concluded : हापुड़ में पोषण पखवाड़ा के तहत गोदभराई, अन्नप्राशन, किट वितरण और वृक्षारोपण कार्यक्रम संपन्न ?

Program Concluded : हापुड़ में पोषण पखवाड़ा के तहत गोदभराई, अन्नप्राशन, किट वितरण और वृक्षारोपण …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *